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    Ayodhya Ram Mandir: प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर हुआ रामलला का महाभिषेक, लगा छप्पन भोग

    By Rama Sharan Awasthi Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 04:06 PM (IST)

    Ayodhya Ram Mandir: प्रतिष्ठा द्वादशी के आयोजनों में सुबह साढ़े नौ बजे से आरंभ हुए सर्वप्रथम भूतल पर विराजमान रामलला का सरयू जल व पंचामृत (दूध, दही, द ...और पढ़ें

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    रामलला के दूसरे पाटोत्सव के अवसर पर रामलला की ओर उमड़ा आस्था का ज्वार: सौ. से ट्रस्ट

    लवलेश कुमार मिश्र, जागरण अयोध्या : राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को पौष शुक्ल द्वादशी तिथि पर रामलला का महाभिषेक हुआ। सोने का मुकुट व पीतवस्त्र धारण करा कर अर्चकों ने उनका भव्य श्रृंगार किया और छप्पन भोग समर्पित कर अपराह्न 12 बजे प्राकट्य आरती की।

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गर्भगृह के सम्मुख श्रद्धावनत हो रामलला की आरती की। दर्शनोपरांत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ रामजन्मभूमि परिसर के परकोटे की उत्तरी भुजा पर निर्मित माता अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर लाल रंग की धर्म ध्वजा का आरोहण किया। तत्पश्चात वह अंगद टीला पर पहुंचे और रामभक्तों को संबोधित किया।

    प्रतिष्ठा द्वादशी के आयोजनों में सुबह साढ़े नौ बजे से आरंभ हुए सर्वप्रथम भूतल पर विराजमान रामलला का सरयू जल व पंचामृत (दूध, दही, देसी घी, शक्कर व शहद) से अभिषेक किया गया। तत्पश्चात अर्चक संतोष तिवारी, अशोक उपाध्याय, प्रेमचंद्र त्रिपाठी, प्रदीप दास, रोहित, अनिल, अनुभव आदि ने स्वर्णाभूषण व पीतवस्त्र पहना कर उनका भव्य श्रृंगार किया।

    इसके बाद प्राकट्य आरती संपन्न हुई। रामलला के साथ ही प्रथम तल पर प्रतिष्ठित राजा राम को भी छप्पन भोग लगाया गया। दर्शन-पूजन के बाद राम मंदिर की उत्तर दिशा में निर्मित माता अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण हुआ। सबसे पहले मंत्रोच्चार कर आचार्य अभिषेक पांडेय ने ध्वजा का पूजन कराया। ध्वज पूजन के बाद डोरी खींच कर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ध्वजारोहण किया।

    ध्वज के शिखर पर पहुंचते ही मां अन्नपूर्णा का जयकारा लगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ट्रस्टी व उडुप्पी पीठाधीश्वर स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, महासचिव चंपतराय, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, सदस्य महंत दिनेंद्रदास व डा. अनिल मिश्र, व्यवस्थापक गोपाल राव, प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही सहित सभी विधायक भी उपस्थित रहे।

    इसके बाद रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ परिसर का भ्रमण कर भगवान शिव, गणेश, सूर्य, हनुमान व मां दुर्गा और शेषावतर मंदिर का दर्शन किया। यहां से वह रामायणकालीन सप्तर्षियों (महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, वशिष्ठ, अगस्त्य, शबरी, अहिल्या व निषादराज) के मंदिरों का दर्शन करते हुए कुबेर टीला पहुंचे। कुबेरेश्वर महादेव का अभिषेक व पूजन करके रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ गिद्धराज जटायु की प्रतिमा के सम्मुख खड़े होकर फोटो खिंचाई।

    भ्रमण के दौरान राजनाथ सिंह ने सीएम योगी व महासचिव चंपतराय से मंदिर निर्माण की विस्तृत जानकारी भी ली। इस बीच भोजन प्रसाद ग्रहण करके वह साधु-संतों, ट्रस्टियों और मुख्यमंत्री के साथ लगभग डेढ़ बजे रामजन्मभूमि परिसर के बाहर अंगद टीला पर बने प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के मुख्य मंच पर पहुंचे और उपस्थित जनसमुदाय का अभिवादन कर लगभग 25 मिनट तक रामभक्तों को संबोधित किया और मंदिर निर्माण के लिए किए गए आंदोलन और सनातनियों के धैर्य, त्याग व संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया।

    पहली बार पहुंचे राजनाथ ध्वजारोहण के बाद भावुक

    जन्मभूमि पर भव्य-दिव्य राम मंदिर निर्माण के उपरांत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को पहली बार रामजन्मभूमि परिसर में पहुंचे थे। इस कारण उन्होंने परिसर का भ्रमण करते हुए पूरी गहनता व उत्सुकता से मंदिर निर्माण के बारे में न केवल जानकारी ली, बल्कि वह मंदिर की दिव्यता-भव्यता से इतने प्रभावित हुए कि मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करते समय उनकी आंखें सजल हो उठीं।