रामनगरी की आबोहवा हो रही खराब, एक्यूआइ 191 पर पहुंचा; संवदेनशील जन बरतें सतर्कता
Ayodhya AQI: अयोध्याधाम के दिगंबर अखाड़ा व डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में लगे मौसम मापक यंत्रों से लिए गए हैं। ...और पढ़ें

जगह-जगह निर्माण कार्य हाेने से बिगड़ी हवा की सेहत
जागरण संवाददाता, अयोध्या: भीषण सर्दी से परेशान हो रहे रामनगरी के लोगों के लिए वायु प्रदूषण के खतरे की घंटी बज चुकी है। बच्चे, बुजुर्ग, श्वांस रोगियों को हमेशा ही सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक तेजी से बढ़ रहा है। ये सूचकांक खतरे के स्तर के करीब है।
इस समय अयोध्या धाम की एक्यूआइ 191 और अयोध्या कैंट नाका का एक्यूआई 185 है। वायु गुणवत्ता का सूचकांक कभी भी खतरे की रेंज में आ सकता है। इस संकेत के बाद इस दृष्टि से संवेदनशील लोगों को परेशानी हो सकती है। ये आंकड़े क्रमश: अयोध्याधाम के दिगंबर अखाड़ा व डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में लगे मौसम मापक यंत्रों से लिए गए हैं। मौसम विज्ञानियों ने यह जानकारी दी। बताया कि धूल के कणों (पीएम टेन) का आंकड़ा दो सौ से अधिक है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक को इस तरह से समझें
वायु गुणवत्ता सूचकांक यदि 0-50 के बीच हो तो इसे अच्छा माना जाता है। इसमें हवा साफ व प्रदूषण मुक्त होती है। यदि यह आंकड़ा 51-100 के मध्य हो तो हवा स्वीकार्य है, लेकिन संवेदनशील लोगों को थोड़ी परेशानी वाली है। 101-150 के बीच यदि आंकडे आए तो ये संवेदनशील समूहों जैसे बच्चे, बुजुर्ग, सांस के मरीज को स्वास्थ्य समस्याएं संभावित हैं। 151-200 के बीच में एक्यूआइ आए तो प्रदूषण का प्रभाव किसी को भी हो सकता है। संवेदनशील लोग सजगता बरतें ।

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