मैं जिंदा हूं.... मैनपुरी की महिला ने औरैया में लगाई गुहार, डेथ सर्टिफिकेट बनाकर बेच दी गई मेरी जमीन
मैनपुरी जनपद की एक महिला ने औरैया में शिकायत की है कि उसके जिंदा रहते फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर ...और पढ़ें

खंड विकास अधिकारी बिधूना के कार्यालय में सीडीओ राम कृपाल चौधरी के पास खड़ी मैनपुरी जनपद निवासी संगम। सौ. अधिकारी
HighLights
मैनपुरी की महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया गया
कानपुर नगर में महिला की एक एकड़ जमीन बेची गई
मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दिए गए
जागरण संवाददाता, औरैया। मैनपुरी जनपद की एक महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर एक युवक ने खुद को उसका बेटा दिखा कानपुर नगर के बिल्हौर तहसील अंतर्गत गांव की जमीन बेच दी। प्रमाणपत्र बिधूना तहसील अंतर्गत बेला के एक गांव के सचिव द्वारा बनाया गया।
मंगलवार दोपहर महिला अपने दामाद के साथ खंड विकास कार्यालय बिधूना पहुंची और पूरा मामला बताया। जहां मौजूद राज्य सभा सदस्य गीता शाक्य और मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी ने पूरी बात सुनी और मामले की जांच शुरू कराई।
मैनपुरी जनपद के बिछवा थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव नगला हिम्मत निवासी करीब 62 वर्षीय संगम के पति श्रीकृष्ण की मौत वर्ष 2014 में हो चुकी है। कानपुर नगर के बिल्हौर तहसील के गांव दिलारपुर टोकसा में उनकी करीब एक एकड़ जमीन थी।
संगम ने खंड विकास अधिकारी बिधूना संजीव कुमार पांडेय को बताया कि गांव दिलारपुर टोकसा में उनका ननिहाल है। जहां उनकी जमीन थी। जिसे बेला थाना क्षेत्र के लक्ष्मीराम पुरवा गांव निवासी अरविंद पुत्र सुखवासी ने फर्जी तरीके से विरासत दिखा उसे कानपुर नगर निवासी संतोषी को बेच दिया।
आरोप लगाया कि अरविंद ने मेरे जीते जी मुझे कागजों में मार डाला। सचिव राघवेंद्र चौहान से मिलकर अरविंद ने मेरा मृत्यु प्रमाणपत्र वर्ष 2021 में बनवा लिया। इसमें उसने खुद को मेरा बेटा दिखाया। अपने आधार कार्ड में पिता का नाम एडिट कर श्रीकृष्ण दिखाया। जबकि उसके पिता का नाम सुखवासी कागजों में है।
संगम ने सारे दस्तावेज दिखाए और खुद को जीवित बताया। मौके पर मुख्य विकास अधिकारी ने सारे कागज जांचे और खंड विकास अधिकारी को जांच के निर्देश दिए। वहीं, खंड विकास कार्यालय में मौजूद गीता शाक्य ने भी मामले की गंभीरता से जांच कराने को कहा।
संगम के दामाद पुष्पेंद्र सिंह का आरोप है कि सचिव राघवेंद्र चौहान से साठगांठ करके अरविंद ने फर्जी प्रमाणपत्र बनाया। उन्होंने कहा कि जमीन करीब चार वर्ष पूर्व बेची गई, इस बात की जानकारी कुछ समय पहले हुई, बिल्हौर तहसील से भी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद जमीन की विरासत जो अरविंद ने चढ़वाई थी, उसे निरस्त करा दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही। दोषी पाए जाने पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सचिव राघवेंद्र के संबंध में भी जानकारी कराई जा रही है।
यह भी पढ़ें- वाह री UP Police... बेटी को ढूंढने के लिए लाचार पिता से मांगे 10 हजार, ब्याज पर लेकर दिए, चौकी इंचार्ज निलंबित
