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    यूपी के इस जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेगा औद्योगिक ग्रीन गलियारा, प्रशासन ने तेज की तैयारियां

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 11:33 AM (IST)

    अमरोहा के हसनपुर तहसील प्रशासन ने गंगा एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक ग्रीन गलियारा स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण तेज कर दिया है। मंगरौला, रुस्तमपुर ...और पढ़ें

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    मंगरौला गांव के नजदीक गंगा एक्सप्रेसवे। जागरण


    जागरण संवाददाता, अमरोहा। हसनपुर तहसील प्रशासन ने नया साल शुरू होते ही मंगरौला में औद्योगिक ग्रीन गलियारा की स्थापना के लिए चिन्हित भूमि के किसानों से यूपीडा के पक्ष में बैनामा कराने की कवायद तेज कर दी है। नवंबर माह से चल रहे एसआईआर के कार्य से राहत मिलने पर राजस्व निरीक्षक एवं लेखपालों की डयूटी मंगरौला में किसानों से वार्ता करने के लिए लगाई गई है।

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    मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के नजदीक औद्योगिक ग्रीन गलियारा भी स्थापित कराया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए ग्राम पंचायत मंगरौला, रूस्तमपुर खादर तथा दौलतपुर कला के रकबा में 2200 बीघा भूमि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने चिन्हित की थी, जिसमें तीनों गांवों में करीब 62 फीसद भूमि के बैनामा तहसील प्रशासन अब तक यूपीडा के पक्ष में करा चुका है।

    सबसे ज्यादा खराब स्थिति मंगरौला गांव की है। यहां के करीब 22 प्रतिशत किसान ही अपनी भूमि औद्योगिक ग्रीन गलियारा के लिए बैनामा कराकर यूपीडा को दे चुके हैं। जबकि, 108 किसानों से अभी भूमि के बैनामा कराने का कार्य बाकी है।

    एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों की टीम गठित करके संबंधित किसानों से उनके घर जाकर संपर्क करके भूमि के बैनामा कराने के लिए तैयार करने के लिए निर्देशित किया है। एसडीएम के आदेश पर गुरुवार को राजस्व निरीक्षक एवं लेखपालों ने किसानों से संपर्क कर वार्ता करते हुए उनके यूपीडा के पक्ष में बैनामा कराने की अपील की।

    उल्लेखनीय है कि मंगरौला के किसान भूमि का सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पहले गंगा एक्सप्रेसवे और अब औद्योगिक ग्रीन गलियारा के लिए भूमि ली जा रही है। मंगरौला का सर्किल रेट काफी समय से नहीं बढ़ने की वजह से किसानों को मुआवजा कम मिल रहा है, जबकि जनपद के दूसरे गांवों का सर्किल रेट दो बार बढ़ाया जा चुका है।

    वहीं, अधिकारियों का तर्क है कि किसी भी परियोजना के शुरू होने के बाद उसमें शामिल गांवों की भूमि का सर्किल रेट बढ़ाया जाना संभव नहीं होता है। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।

    औद्योगिक ग्रीन गलियारा स्थापित होने से यहां की जनता को लाभ मिलने के साथ ही विकास को पंख लगेंगे। उन्होंने किसानों से चिन्हित भूमि के बैनामा कराकर औद्योगिक ग्रीन गलियारा की स्थापना कराने में सहयोग करने को कहा है।