अमेठी में जिला न्यायालय निर्माण का रास्ता साफ, 55 करोड़ की पहली किस्त जारी
अमेठी में जिला न्यायालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जिसके लिए शासन ने 55 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी है। कुल अनुमानित लागत 220 करोड़ ...और पढ़ें

जिला न्यायालय निर्माण का रास्ता साफ। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, अमेठी। जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले दिनों में अब न्याय के लिए सुलतानपुर व रायबरेली के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे। जिला न्यायालय के निर्माण के लिए शासन की ओर से 55 करोड़ की पहली किश्त जारी कर दी गई है।
न्यायालय के निर्माण में कुल 220 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जिला जज व विशेष कार्याधिकारी राम मिलन सिंह के प्रयास से न्यायालय निर्माण के लिए बजट जारी हो गया है। कलेक्ट्रेट के करीब ही जिला न्यायालय के लिए भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है।
प्रमुख सचिव (न्याय) द्वारा जारी पत्र के अनुसार शासन द्वारा जिले में न्यायालय निर्माण के लिए अनुमानित खर्च लगभग 220 करोड़ के सापेक्ष 55 करोड़ रुपये की पहली किश्त कार्यदायी संस्था को जारी कर दी गई है। बजट जारी होने से उम्मीद है 2027 के मध्य तक निर्माण पूरा हो जाएगा।
मुसाफिरखाना में तहसील परिसर में एसडीएम की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर लगातार चौथे दिन भी नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।
वहीं तहसील सभागार में एसडीएम अभिनव कनौजिया लेखपालों के साथ मीटिंग कर रहे थे। अधिवक्ताओं का समूह जैसे ही सभागार के पास पहुंचा तभी वहां मौजूद लेखपालों ने अधिवक्ताओं के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। देखते देखते बात इतनी बढ़ गई कि हाथपाई शुरू हो गई।
वहां खड़े एसडीएम मूकदर्शक बने रहे। बार एसोसिएशन अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ला ने आरोप लगाया है कि सभागार में एसडीएम के उकसाने पर वहां मौजूद राजस्वकर्मियों, संविदाकर्मी अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की।

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