Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    पीएम स्वनिधि की धनराशि बढ़ने से रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को मिलेगा लाभ, आवेदन के लिए इन डाक्यूमेंट की होगी जरूरत

    Updated: Thu, 11 Sep 2025 11:20 AM (IST)

    अंबेडकरनगर में डूडा द्वारा संचालित प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का पुन संचालन होगा। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण ...और पढ़ें

    News Article Hero Image
    पीएम स्वनिधि की धनराशि बढ़ने से रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को मिलेगा लाभ। जागरण फोटो

    संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) से संचालित प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का पुनः लाभ रेहड़ी-पटरी दुकानदाराें को मिलेगा। इस बार योजना की धनराशि को बढ़ाया गया है, जिससे लाभ लेकर शहर में रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और उनके कारोबार को पंख लग सके।

    स्वनिधि योजना में पहली बार में ऋण सीमा 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार कर दी गई है और दूसरी बार की सीमा 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं, तीसरी बार में 50 हजार रुपये पर कोई वृद्धि नहीं की गई है।

    योजना के तहत ऋण लेने वाले दुकानदार समय पर अपनी दूसरी किस्त का ऋण चुकाएंगे, तो उन्हें आपातकालीन व्यवसाय व व्यक्तिगत जरूरतों के लिए यूपीआइ से जुड़े रुपये क्रेडिट कार्ड के लिए भी पात्रता मिलेगी।

    खुदरा और थोक लेनदेन पर डिजिटल भुगतान करने वाले रेहड़ी-पटरीवालों को 1,600 रुपये तक प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। पूर्व में यह योजना 31 दिसंबर, 2024 तक चलाई गई थी। अब पुनर्गठित कर योजना को पुन: का संचालित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है।

    आवेदन के लिए जरूरी कागजात

    डूडा प्रोजेक्ट मैनेजर अमरेंद्र कुमार ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के लिए आधार कार्ड, एक बैंक खाते का विवरण, और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा जारी किया गया विक्रेता प्रमाणपत्र या अनुशंसा पत्र जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।

    यह न केवल रेहड़ी-पटरीवालों को सशक्त बनाएगी, बल्कि समावेशी आर्थिक विकास और उनके परिवारों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान, उनकी आजीविका को बढ़ाने और अंतत: शहर को जीवंत, आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने में भी मदद करेगी।

    पीएम स्वनिधि योजना पुनः संचालित होने जा रही है। इस बार योजना की किस्त बढ़ाई गई है। योजना का लाभ लेकर रेहड़ी-पटरीवाले आत्मनिर्भर बनेंगे। हालांकि अभी शासन द्वारा लक्ष्य नहीं निर्धारित किया गया है। एक सप्ताह में पोर्टल पर आनलाइन आवेदन शुरू हो जाएंगे। -बीना सिंह, नोडल अधिकारी (डूडा)।