अंबेडकरनगर में बाईपास पर 283 करोड़ की लागत से बनेगा रेल ब्रिज, इन जिलों के बीच आवागमन होगा बेहतर
अंबेडकरनगर में जिला मुख्यालय को भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए बड़ी खबर है। अकबरपुर से बसखारी तक फोरलेन बाईपास पर दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्मा ...और पढ़ें

अकबरपुर बाईपास पर 283 करोड़ से बनेगा रेलब्रिज।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय को जाम की भीषण समस्या से छुटकारा मिलने वाला है। अकबरपुर से बसखारी तक फोरलेन मार्ग पर जिला मुख्यालय के बाहर बाईपास बन कर तैयार है। उक्त बाईपास के बीच अकबरपुर से अयोध्या रेल लाइन तथा अकबरपुर से टांडा रेल लाइन पर दो ओवरब्रिज नहीं बनने से गतिरोध बना था।
शासन ने इसके लिए बजट स्वीकृत किया है। उक्त बाईपास की दोनों रेल लाइन पर ओवरब्रिज बनाने के लिए 283 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। एमएमलसी के प्रयास से इसका निर्माण होते ही बाईपास पर आवागमन शुरू होगा एवं जिला मुख्यालय को जाम से छुटकारा मिलेगा।
वर्ष 2021 में स्वीकृत 11.41 किमी लंबे अकबरपुर बाईपास की पुनरीक्षित लागत बढ़कर 535 करोड़ 35 लाख 72 हजार हो गई है। बाईपास मार्ग के अयोध्या-अकबरपुर रेलखंड और टांडा-अकबरपुर रेलखंड पर फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण भी शामिल है।
बाईपास निर्माणाधीन है। बजट के अभाव में कार्य प्रभावित हो रहा था। समयावधि पूरा होने के साथ महंगाई के मद्देनजर कार्यदायी संस्था ने आगणन कर शासन को पुनरीक्षित लागत भेजा था।
बाईपास के अकबरपुर-टांडा रेलखंड के 991 मीटर लंबे फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण अब 176 करोड़ 18 लाख 23 हजार तथा अयोध्या-अकबरपुर रेलखंड पर 714 मीटर लंबे फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण की लागत बढ़कर अब 106 करोड़ 10 लाख 66 हजार हो गई है।
आवागमन में सुविधा
उक्त मार्ग बहराइच-फैजाबाद-आजमगढ़ मार्ग से निकलकर जिला मार्ग अकबरपुर-गौहनिया व अकबरपुर-इल्तिफातगंज मार्ग होते हुए टांडा-लुंबिनी हाइवे से निकलकर बहराइच-फैजाबाद-आजमगढ मार्ग पर मिलती है। अकबरपुर नगरपालिका परिषद की बाजार में घनी आबादी होने के कारण उक्त बाईपास का निर्माण किया जाना आवश्यक है।
बाईपास के बनने से बहराइच-फैजाबाद-आजमगढ मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहन बाईपास से निकल जाएंगे। इससे शहर में जाम व आम लोगों को आवागमन में सहूलियत व जिले का सर्वांगीण विकास होगा।
अयोध्या-बसखारी मार्ग पर बाईपास व दोनों फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण प्रभावित था। कार्यदायी संस्था द्वारा भेजे गए पुनरीक्षित आगणन लागत की स्वीकृति शासन से मिल गई है। इससे बजट की कमी दूर हो गई है। शीघ्र ही निर्माण पूरा करा समस्या दूर कर दी जाएगी। -डॉ. हरिओम पांडेय, एमएलसी।

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