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    श्रीराम वन गमन मार्ग के बहाने श्रृंग्वेरपुर धाम में निषाद समाज को साध गए डिप्टी सीएम केशव

    By Ankur TripathiEdited By:
    Updated: Thu, 06 Jan 2022 07:35 AM (IST)

    डिप्टी सीएम ने कहा त्रेता युग में श्रृंगवेरपुर में निषादराज ने श्रीराम को गले लगाया था। उस परंपरा को निषाद समाज आज भी निभा रहा है। पूरा निषाद समाज भाज ...और पढ़ें

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    केशव प्रसाद बोले, श्रृंगवेरपुर धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित हो रहा

    प्रयागराज, जागरण संवाददाता। भारत माता की जय, गंगा मैया की जय, जय श्रीराम, निषाद राज की जय का उद्घोष श्रृंगवेरपुर में मंच से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया तो सामने बैठी भीड़ ने भी हाथ उठाकर उनके सुर में सुर मिलाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा समरसता का संदेश देने वाली यह धरती धन्य है। श्रीराम वन गमन मार्ग का शिलान्यास होने के साथ ही श्रृंगवेरपुर को धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने में मदद मिलेगी। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने निषाद समाज को भी साधने का प्रयास किया।

    पूरा निषाद समाज भाजपा के साथ

    डिप्टी सीएम ने कहा, त्रेता युग में श्रृंगवेरपुर में निषादराज ने श्रीराम को गले लगाया था। उस परंपरा को निषाद समाज आज भी निभा रहा है। पूरा निषाद समाज भाजपा के साथ खड़ा है, इसके लिए आभार प्रकट करता हूं। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने सधे अंदाज में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत करने के साथ ही जनपद में हुए हाईवे, सेतु निर्माण, रिंगरोड व गंगा परियोजना के कार्यों के लिए आभार जताया और कई महत्वपूर्ण मांगे भी रखीं। कहा, फाफामऊ पर छह लेन का पुल, श्रृंगवेरपुर के विकास संबंधी परियोजनाएं लाेगों की सोच में भी नहीं थी लेकिन उन्हें भाजपा ने धरातल पर उतारा। ऐसा डबल इंजन की सरकार के कारण संभव हुआ है।

    केशव ने गिनाई उपलब्धियां

    उप मुख्यमंत्री ने अब तक कराए गए कार्यों को भी गिनाया। कहा, वाराणसी के लिए छह लेन की सड़क बन चुकी है। अब बाबा विश्वनाथ धाम की राह आसान है। चकेरी कानपुर से हंडिया तक छह लेन की सड़क बनाई जा रही है। प्रयागराज का इनर रिंगरोड भी खास है। प्रयागराज से लखनऊ मार्ग को चार लेन बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। गुलाबराय से प्रतापगढ़, सुलतानपुर मार्ग भी बन चुका है जिससे लोगों को बहुत सहूलियत हो रही है। 2017 में ही मैनें कहा था कि मैं पांच करोड़ की सांसद निधि के लिए सदन में नहीं जाऊंगा। मेरा लक्ष्य पचास हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को लाना था। नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से मैनें श्रृंगवेरपुर, कौशांबी, प्रयागराज ही नहीं कानपुर में भी गंगा घाटों के निर्माण का निवेदन किया, मंत्रालय ने उसे माना और घाटों का निर्माण हुआ। वाराणसी से हल्दिया तक जल मार्ग बन रहा था। उसकी शुरुआत प्रयागराज से कराने की भी मंजूरी मैने कराई।

    सेरावां, कल्याणपुर से कटरा मार्ग को चार लेन की मांग

    उप मुख्यमंत्री ने मंच से मांग की कि जसरा में बाईपास और ओवरब्रिज बनाया जाए जिससे चित्रकूट की राह आसान हो। प्रयागराज से प्रतापगढ़ राज मार्ग जो राष्ट्रीय राजमार्ग है उसे चार लेन की मांग की गई। सेरावां, कल्याणपुर से कटरा की सड़क को भी चार लेन करने की आवाज उठाई। कोखराज से हंडिया जाने के लिए गंगा जी और यमुनाजी में पुल निर्माण कराने की मांग की गई। कहा कि जैसा नागपुर का विकास हाे रहा है उसी तर्ज पर नए प्रयागराज का विकास करने की जरूरत है।