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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Prayagraj Kumbh: देर रात 2.12 बजे मकर राशि में पहुंचे सूर्य, आज शाम तक संक्रांति का योग

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Mon, 14 Jan 2019 11:00 AM (IST)Updated: Tue, 15 Jan 2019 09:08 AM (IST)

मकर संक्रांति पर दो राशियों में दो ग्रहीय योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। साध्य योग व कौलव करण ...और पढ़ें

Prayagraj Kumbh: देर रात 2.12 बजे मकर राशि में पहुंचे सूर्य, आज शाम तक संक्रांति का योग
Prayagraj Kumbh: देर रात 2.12 बजे मकर राशि में पहुंचे सूर्य, आज शाम तक संक्रांति का योग

प्रयागराज, जेएनएन। Prayagraj Kumbh कुंभ मेला का प्रथम शाही स्नान मकर संक्रांति के दिन यानि आज मंगलवार को पड़ रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की अद्भुत जुगलबंदी से स्नान का महत्व बढ़ गया है।

मकर संक्रांति पर दो राशियों में दो ग्रहीय योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। वहीं, साध्य योग व कौलव करण होने से संगम में डुबकी लगाने मात्र से श्रद्धालुओं को अश्वमेध यज्ञ कराने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होगी।

आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी बताते हैं कि सोमवार की रात 2.12 बजे सूर्य का संक्रमण मकर में हो चुका है। इससे सूर्य धनु राशि से चलकर मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं। इसके साथ सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाएंगे। यहीं से देवताओं का दिन व दैत्यों की रात आरंभ होगी।

सूर्य देव शाम के 7 बजकर 50 मिनट पर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में आएंगे। इसके साथ शादी, विवाह, गृहप्रवेश व मुंडन सहित सारे शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे। आचार्य त्रिपाठी बताते हैं कि संक्रांति का योग शाम 5.18 बजे तक है। ऐसे में श्रद्धालु दिनभर स्नान कर सकेंगे। संगम के अलावा गंगा, यमुना व किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से श्रद्धालु को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जिस समय मकर की संक्रांति में सूर्य प्रवेश करते हैं उसके बाद दूसरे दिन सूर्योंदय से दोपहर तक संक्रांति का पुण्य काल माना जाता है।

दान का है महत्व
मकर संक्रांति पर दान का बहुत महत्व है। इसमें मूंग व उड़द की खिचड़ी, तिल का लड्डू, काला तिल व गरम वस्त्र का दान करना पुण्यकारी रहेगा।