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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आर्यकन्या चौराहे के पास मोहर्रम जुलूस में फंसी कार में तोडफ़ोड़ पर बवाल Prayagraj News

By Brijesh SrivastavaEdited By:
Published: Mon, 09 Sep 2019 10:32 AM (IST)

मोहर्रम के जुलूस के दौरान रात में आर्यकन्या चौराहे के पास कार में तोड़फोड़ के बाद उसमें बैठे लोगों पर हमला किया गया। आक्रोशित लोगों ने रास्‍ताजाम कर दिया।

आर्यकन्या चौराहे के पास मोहर्रम जुलूस में फंसी कार में तोडफ़ोड़ पर बवाल Prayagraj News
आर्यकन्या चौराहे के पास मोहर्रम जुलूस में फंसी कार में तोडफ़ोड़ पर बवाल Prayagraj News

प्रयागराज, जेएनएन। मुट्ठीगंज में  आर्यकन्या चौराहे के पास रविवार की रात में निकले मोहर्रम जुलूस के दौरान कार में तोडफ़ोड़ और उसमें बैठे लोगों पर हमले के बाद बखेड़ा हो गया। भीड़ ने चौराहे पर जाम लगाकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नेताओं की मदद से किसी प्रकार लोगों को भरोसा दिलाकर स्थिति को संभाल लिया।

गिरफ्तारी की मांग करते हुए आक्रोशित लोगों ने रास्ताजाम कर दिया

रात करीब नौ बजे मोहर्रम का जुलूस आर्यकन्या चौराहे से मुट्ठीगंज चौराहे की तरफ बढ़ रहा था। आरोप है कि इसी दौरान ट्रांसपोर्टर अनिल कुमार के पुत्र रवि केसरवानी की कार पर हमला किया गया। जुलूस में फंसी कार के शीशे का कांच तोडऩे के साथ ही रवि और उनके साथ मौजूद सौरभ गुप्ता और रवीश वर्मा पर हमला किया गया। रवि जख्मी हो गए। पता चलते ही मोहल्ले वाले एकत्र होने लगे। जुलूस गुजरने तक सैकड़ों की भीड़ जुट गई। लोगों ने मारपीट व तोडफ़ोड़ करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए रास्ताजाम कर दिया।

पुलिस अधिकारियों के समझाने पर भीड़ शांत हुई

खबर मिलते ही डीआइजी, एसएसपी, एसपी सिटी, एएसपी कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ पहुंच गए। लोग नारे लगाते हुए हमलावरों की गिरफ्तारी पर अड़े थे। करीब दो घंटे तक पुलिस अधिकारियों के समझाने पर भीड़ शांत हुई। रवि से तहरीर लेकर मुट्ठीगंज थाने में केस दर्ज किया गया है।

भीड़ को मनाने में छूटा अफसरों का पसीना

डीआइजी व एसएसपी ने आर्यकन्या चौराहे पर जमा भीड़ को समझाने का प्रयास शुरू किया जबकि बाकी अफसर मुट्ठीगंज चौराहे से भीड़ को हटाने में लग गए। सैकड़ों की भीड़ नारे लगाते हुए हमलावरों की गिरफ्तारी पर अड़ी थी। बल प्रयोग करने पर बवाल बढऩे का पूरा खतरा था इसलिए डीआइजी और एसएसपी ने संयम से काम लेते हुए लोगों से बातचीत की। पदुम जायसवाल समेत जिम्मेदार स्थानीय नेताओं से लोगों को शांत कराने का आग्र्रह किया गया। पुलिस के संयम का असर हुआ। करीब साढ़े 11 बजे एसएसपी और डीआइजी खुद लोगों को घर जाने के लिए कहकर चौराहे से हटाने लगे। कुछ ही मिनट में भीड़ छंटने से स्थिति सामान्य हो गई।

तेजी से फैलाई गई अफवाह

आर्यकन्या चौराहे के पास उतना बवाल नहीं हुआ जितना अफवाहों में फैलाया गया। अफवाह फैली कि जुलूस में शामिल लोगों ने कई कार और बाइक तोड़ दी। कई लोगों को पीटकर घायल कर दिया जबकि ऐसा कुछ नहीं था। एसएसपी ने कहा है कि फर्जी मैसेज फैलाकर अफवाह उड़ाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। एक कार में मारपीट और कांच टूटने की घटना को अफवाहों के जरिए बेवजह तूल दिया गया है।