प्रयागराज, जेएनएन।  होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना की जंग लडऩे वाले मरीजों के लिए आइवरमेक्टिन, जिंक व कैल्शियम की दवाएं वरदान साबित हो रही हैं। इन दवाओं से कोरोना वायरस भी मात खा रहा है और बिना लक्षण वाले मरीज एक सप्ताह में ही ठीक हो जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को यही दवाएं उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम भी मिल रहा है। तभी तो करीब 1900 कोरोना मरीज घर में ही रहकर स्वस्थ हो गए हैं।

कोरोना मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो रहीं  यह दवाएं

भले ही कोरोना वायरस के लिए अभी कोई खास दवा नहीं आई हो लेकिन विशेषज्ञ कोरोना मरीजों पर पुरानी दवाओं का प्रयोग करने में जुटे हुए हैं। पिछले दिनों विशेषज्ञों की सलाह पर कोरोना मरीजों को आइवरमेक्टिन दवा दी जा रही है। यह सिर्फ कोरोना के मरीजों को ही नहीं बल्कि उनके संपर्क में आने वाले डॉक्टर व तीमारदार को भी लेने की सलाह दी गई है। विभाग इन्हीं दवाइयों का पैकेट तैयार करके मरीजों तक पहुंचवा रहा है। मरीज व तीमारदार को किस-किस डोज में इस दवा को खाना है, यह भी बताया जा रहा है। कोविड-19 के नोडल डॉ. ऋषि सहाय का कहना है कि यह दवाएं कोरोना मरीजों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं।

होम आइसोलेशन में रहने वाले करीब 1900 मरीज हो चुके हैं स्वस्थ

होम आइसोलेशन में रहने वाले करीब 1900 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मरीजों को यह दवा दी जा रही है। सीएमओ डॉ.जीएस वाजपेयी ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए आइवरमेक्टिन, जिंक व कैल्शियम सबसे ज्यादा फायदेमंद है। विभाग होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीजों को एक पैकेट उपलब्ध करा रहा, जिसमें यह तीनों दवाएं भी मौजूद हैं। यह देखा जा रहा है कि एक सप्ताह में ही मरीज रिकवर हो जा रहा है।