प्रयागराज, जागरण संवाददाता। शहर के जार्जटाउन थाने में साकेत हास्पिटल के संचालक डा. एसडी वर्मा, प्रशासनिक अधिकारी डा. नीता वर्मा, नर्सिंग स्टाफ शिवम व 30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। गाली-गलौज, जान से मारने समेत कई अन्य धाराओं में एफआइआर हाईकोर्ट के अधिवक्ता वैभव कोहली की तहरीर पर लिखी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि तहकीकात में मिले तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वेंटिलेटर में रखने के बाद थमी थी सांस

मधवापुर मोहल्ला कीडगंज निवासी वैभव कोहली का आरोप है कि पिछले महीने उनकी पत्नी ने तीन माह के बेटे मिवान को अल्लापुर स्थित साकेत हास्पिटल में भर्ती किया था। बच्चे को निमोनिया का लक्षण था। डाक्टरों ने कहा था कि बच्चे को सुबह 10 बजे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा और तबियत में सुधार है। इसके बाद वार्ड ब्वाय ने एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। उनकी पत्नी से पूछे बिना ही बच्चे को एनआइसीयू में ले जाकर वेंटिलेटर पर रख दिया गया। मगर उसकी मौत हो गई। जब उन्होंने बिना इजाजत ऐसा करने की बात कही तो उनके बीच नोंकझोंक हो गई।

डाक्टर ने बुलाकर जान से मारने की दी धमकी

अधिवक्ता का यह भी आरोप है कि मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद डा. एसडी वर्मा ने दो सितंबर को उन्हें मिलने के लिए अस्पताल बुलाया। चेंबर में जाने पर धमकाया गया कि शिकायत वापस नहीं लेने पर जान से मार दिया जाएगा। अस्पताल में मौजूद 25-30 लोगों ने उन्हें घेर लिया। सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दी गई। इससे परेशान होकर अधिवक्ता ने डाक्टर से मिली धमकी की शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा कायम किया। अधिवक्ता का कहना है कि उनकी पहली शिकायत पर अभी तक मुकदमा नहीं हुआ है। सीएमओ के आदेश पर डाक्टरों का पैनल गठित किया गया है। फिलहाल जार्जटाउन थाने की पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

Edited By: Ankur Tripathi