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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Atiq Ahmed Case Verdict: अतीक अशरफ पर फैसला, उमेश पाल अपहरणकांड से जुड़ी 10 बड़ी बातें

By Narender SanwariyaEdited By: Narender Sanwariya
Published: Tue, 28 Mar 2023 05:20 AM (IST)Updated: Tue, 28 Mar 2023 07:27 AM (IST)

Atiq Ahmed Case Verdict आज मंगलवार को अतीक अहमद को विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल के अपहरण ...और पढ़ें

Atiq Ahmed Case: उमेश पाल अपहरणकांड में आज होगा फैसला, मामले से जुड़ी 10 बड़ी बातें
Atiq Ahmed Case: उमेश पाल अपहरणकांड में आज होगा फैसला, मामले से जुड़ी 10 बड़ी बातें

Atiq Ahmed Case Verdict: प्रयागराज, डिजिटल डेस्क। गुजरात से प्रयागराज आए गए गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद को आज सुबह 11 बजे विधायक राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल के अपहरण के केस में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस केस में अतीक के भाई अशरफ को भी पुलिस बरेली जेल से नैनी जेल पहुंची है। अतीक को सोमवार सुबह 5.40 बजे साबरमती जेल से नैनी जेल लाया गया। दोनों भाइयों को इसी जेल की अलग-अलग बैरक में रखा गया है। आज कोर्ट में दोनों की पेशी होगी। आइए जानते हैं इस मामले से जुड़ी 10 बड़ी बातें।

1. दोनों को रखा एक ही जेल में

गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमवार शाम अहमदाबाद की जेल से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित नैनी सेंट्रल जेल लाया गया। इस केस में अतीक के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को बरेली से नैनी जेल लाया गया।

2. इस मामले में आएगा फैसला

अतीक अहमद को 2005 के राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह उमेश पाल के अपहरण के 2007 के मामले में फैसले के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। राजू पाल हत्याकांड में भी अहमद मुख्य आरोपी है। सीएम योगी के बयान के कुछ दिनों बाद यूपी पुलिस ने 6 मार्च को प्रयागराज के कौंधियारा इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान अतीक के गिरोह के एक कथित शूटर को मार गिराया।

3. अतीक अहमद कौन है?

अतीक अहमद एक गैंगस्टर से राजनेता बना, जो 1989-2004 तक इलाहाबाद पश्चिम से विधायक था। वह 2004 और 2009 के बीच उत्तर प्रदेश के फूलपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद रहा। 10 अगस्त 1962 को जन्मे अतीक अहमद पर 100 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके भाई अशरफ पर 52, पत्नी शाइस्ता प्रवीन पर तीन, बेटे अली पर चार और बेटे उमर अहमद पर एक मामला दर्ज है। अतीक अहमद ने पहली बार 1989 के यूपी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में इलाहाबाद पश्चिम सीट जीती थी। इसके बाद उसने अगले दो चुनाव भी जीते। वह 1993 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुआ और फिर 1999 में अपना दल में चला गया।

4. राजू पाल की हत्याकांड

अतीक ने 2004 में लोकसभा चुनाव लड़ा और फूलपुर सीट जीती। इसके बाद इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की सीट खाली हो गई। इस सीट से अतीक के भाई अशरफ ने चुनाव लड़ा। अशरफ का मुकाबला बहुजन समाज पार्टी के राजू पाल से था। पाल ने नवंबर 2004 में हुए उपचुनाव में यह सीट जीती थी। हालांकि पाल की 25 जनवरी 2005 को अपने गांव में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे यह सीट फिर से खाली हो गई थी। उनके दो सहयोगियों, देवीलाल और संदीप यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में अशरफ उर्फ खालिद अज़ीम ने पाल की विधवा पूजा पाल के खिलाफ सपा के टिकट पर इलाहाबाद पश्चिम सीट जीती, जो बसपा से लड़ी थी।

5. अतीक की गिरफ्तारी और रिहा

पूजा ने दोनों भाइयों अतीक और अशरफ के खिलाफ राजू पाल की हत्या के लिए शिकायत दर्ज कराई और अतीक को आखिरकार 2008 में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, उसे चार साल बाद 2012 में रिहा कर दिया गया। उसने फिर से सपा के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा। लेकिन बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य से हार गए।

6. सपा ने निकाला पार्टी से

अतीक अहमद के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर बढ़ते नुकसान और दबाव के चलते सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद को उससे दूर कर लिया। पार्टी को हो रहे नुकसान के चलते अतीक अहमद को साल 2018 में सपा से बाहर कर दिया गया था।

7. गुजरात जेल में क्यों बंद रहा अतीक अहमद?

प्रयागराज में सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी और विज्ञान विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की पिटाई के आरोप में अतीक को 2017 में फिर से गिरफ्तार किया गया था। उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी सीट से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। देवरिया जेल में फिरौती और मारपीट के एक अन्य मामले में अतीक अहमद को फिर से गिरफ्तार किया गया। वह कथित तौर पर व्यवसायी मोहित जायसवाल को धमकी दे रहा था और यहां तक कि जेल में उसके साथ मारपीट भी करता था। दो अन्य व्यवसायियों ने भी इसी तरह की शिकायतें की हैं। इसके बाद उसे बरेली जेल ले जाया गया। हालांकि, अतीक पर जेल अधिकारियों के साथ मिलकर लोगों से जबरन वसूली के आरोप में गुजरात की साबरमती जेल भेज दिया गया।

8. अतीक अहमद को प्रयागराज जेल क्यों भेजा गया?

अतीक अहमद को सोमवार को प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल ले जाया गया क्योंकि उन्हें उमेश पाल के 2007 के अपहरण मामले में एक अदालत में पेश किया जाना है। उमेश राजू पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। अतीक उमेश और राजू दोनों की हत्याओं का मुख्य आरोपी है। उमेश पाल की इसी साल 23 फरवरी को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

9. आज होगी सुनवाई

अतीक का भाई भी इसी नैनी जेल के अलग बैरक में बंद है। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के जेल मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि अतीक अहमद को जेल में सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है।

10. अतीक को प्रयागराज कैसे लाया गया?

अतीक को गुजरात से 45 पुलिस कर्मियों की एक टीम द्वारा उच्च सुरक्षा के साथ प्रयागराज जेल में लाया गया। अतीक का काफिला मध्य प्रदेश के चित्रकूट और यूपी के झांसी से होकर गुजरा। पुलिस की यह टीम रविवार शाम 5.40 बजे अहमदाबाद (गुजरात) की साबरमती जेल से रवाना हुई और सोमवार शाम 5.25 बजे नैनी सेंट्रल जेल पहुंची। लगभग 13 सौ किलोमीटर का सफर 23.45 घंटे में पूरा किया।