अलीगढ़ (जेएनएन)। टप्पल में  बच्ची की हत्या के मामले में एसएसपी आकाश कुलहरि ने थाने के इंस्पेक्टर कुशलपाल सिह चाहल को लाइन हाजिर कर दिया है। एसओजी इंचार्ज संजय कुमार जायसवाल को उनके स्थान पर इंस्पेक्टर बनाया गया है। इस संबंध में एसएसपी ने देर रात आदेश जारी किए। देर रात संजय ने थाने पहुंचकर चार्ज ले लिया। इंस्पेक्टर कुशलपाल सिंह चाहल को एसएसपी ने सांसद सतीश कुमार गौतम द्वारा आरोप लगाने के बाद लाइन हाजिर किया। बच्ची की हत्या की सूचना के बाद सांसद दिल्ली से दोपहर तीन बजे टप्पल पहुंच गए। बच्ची के माता-पिता को सांत्वना दी। सांसद ने उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही परिवारीजनों को मदद का भरोसा दिया। सांसद का आरोप है कि टप्पल इंस्पेक्टर ने इस मामले में लापरवाही बरती है। यदि बच्ची के लापता होने पर ही सक्रिय हो जाते तो यह स्थिति न होती। सांसद ने एसएसपी आकाश कुलहरि से फोन पर बात करके इंस्पेक्टर को निलंबित करने को भी कहा था।

बच्ची का गायब मिला दायां हाथ

तीन दिन से लापता ढाई साल की बच्ची का शव रविवार को घर के पास ही कूड़े के ढेर में मिला। इसका दायां हाथ गायब था। बाल जले मिले। दुष्कर्म के बाद हत्या व एसिड डालने की आशंका जताते हुए ग्र्रामीणों ने थाने के आगे शव रखकर चार घंटे जाम लगाया और प्रदर्शन किया। परिजनों के शक पर संप्रदाय विशेष के पड़ोसी युवक को पुलिस ने उठा लिया है। साथ ही दावा किया है कि प्राथमिक जांच में दुष्कर्म न होना और एसिड न डालना पाया गया है। स्लाइड व विसरा फोरेंसिक जांच को भेजा गया है।

गुरुवार से गायब थी बच्ची

बच्ची गुरुवार को घर के बाहर से लापता हो गई थी, जिसकी उसी दिन पिता ने गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। रविवार सुबह छह बजे कूड़े के ढेर में शव देखा तो महिला सफाईकर्मी ने शोर मचा दिया। वहां पहुंचे बच्ची के दादा व चाचा ने शव को पहचाना। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। शव देखने की मांग कर रहे परिजनों ने थाने में हंगामा कर दिया। इस पर शव लेकर गई गाड़ी को लौटाया गया। गुस्साए लोगों ने गाड़ी से शव को उतार लिया और करीब सात बजे थाने के सामने रखकर जाम लगा दिया। वे एसपी देहात मणिलाल पाटीदार, सीओ खैर पंकज श्रीवास्तव के समझाने पर भी नहीं माने। कुछ देर बाद पहुंचे विधायक अनूप प्रधान ने लोगों ने समझाया। एसएसपी के आश्वासन पर लोगों ने 11 बजे जाम खोला।

अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही टप्पल पुलिस

ढाई साल की बच्ची के हत्यारे ने मानवता को तार-तार कर दिया। बच्ची का गायब हाथ पुलिस खोज नहीं सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शव करीब तीन दिन पुराना है। यानी जिस दिन बच्ची लापता हुई, उसी दिन हत्या की गई। परिजन संप्रदाय विशेष के युवक पर रंजिशन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही दुष्कर्म की आशंका भी जता रहे हैं। पुलिस कई अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है। एसएसपी ने अपनी निगरानी में मामले की जांच कराने का परिजनों को आश्वासन दिया है। साथ ही टप्पल पुलिस को दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

गुरुवार को गायब हुई बच्ची की परिजन तलाश में जुटे थे। रविवार को शव मिलने पर गांव में कोहराम मच गया।  परिजनों की मानें तो मुहल्ले के ही संप्रदाय विशेष के विवाहित युवक को 50 हजार रुपये उधार दिए थे। कह सुनकर उसने 45 हजार रुपये तो लौटा दिए, बाकी रकम नहीं दी। दो दिन पहले भी इसको लेकर झगड़ा हुआ था। शव भी इसके घर के सामने कूड़े के ढेर में मिला है। यही वजह है कि शक की सुई युवक की ओर जा रही है। पुलिस इसके अलावा तीन-चार अन्य लोगों भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि, पुलिस अभी कोई नतीजे पर नहीं पहुंची है, कई अन्य पहलू भी खंगाले जा रहे हैं।

तीन डॉक्टरों ने किया पोस्टमार्टम

शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया था। इसमें डॉ. केके शर्मा, डॉ. नवीन, डॉ. उजमा थे। वीडियोग्राफी भी कराई। हत्या किस तरह से की गई, पैनल यह स्पष्ट नहीं कर सका। शव का दायां हाथ नहीं था, बाल जले मिले। ऐसा लग रहा था कि शव पर एसिड डाला गया है, मगर डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि नहीं की। शव गल चुका था। माना जा रहा है कि हाथ कुत्तों ने नोंचा होगा। स्लाइड व बिसरे की जांच फोरेंसिक एक्सपर्ट कर रहे हैं। पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार के दौरान भारी मात्रा में फोर्स तैनात रहा।

100 मीटर दूर पड़ा शव, नजर नहीं पड़ी

बच्ची का शव घर से 100 मीटर दूर कूड़े के ढेर पर पड़ा था। तीन दिन तक किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी। ये ढेर भी उसी युवक के घर के सामने था, जिस पर परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

अपहरण, हत्या की धारा बढ़ाई

बच्ची के लापता होने पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। फिर अपहरण की धारा 363 बढ़ा दी। अब शव बरामद होने पर हत्या की धारा बढ़ा दी है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीरता न बरतने का आरोप लगाया है।

गांव में पुलिस तैनात

हत्या में संप्रदाय विशेष के युवक पर शक जताने से गांव में माहौल गरमा हुआ है। पीएसी व आरएएफ भी बुला ली गई थी। एहतियात के तौर पर गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।

फिर छिन गई खुशी

बच्ची की मां की शादी 2012 में हुई थी। शादी के तीन साल बाद वह मां बनी, लेकिन गर्भपात हो गया। काफी इलाज के बाद बेटी पैदा हुई थी। इसकी किसी ने हत्या कर दी।

 

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Posted By: Mukesh Chaturvedi

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