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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फर्जी टीकाकरण में प्रभारी चिकित्साधिकारी व ANM पर मुकदमा दर्ज Aligarh News

By Sandeep Kumar SaxenaEdited By:
Published: Sun, 30 May 2021 08:14 PM (IST)

जमालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन भरी 29 सिरिंज कचरे में फेंकने के मामले में शनिवार देर रात प्रभारी ...और पढ़ें

संविदा समाप्ति की कार्रवाई विभाग पहले ही कर चुका है।
संविदा समाप्ति की कार्रवाई विभाग पहले ही कर चुका है।

अलीगढ़, जेएनएन। जमालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन भरी 29 सिरिंज कचरे में फेंकने के मामले में शनिवार देर रात प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा व संविदा एएनएम निहा खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, महामारी अधिनियम का उल्लंघन, साजिश व गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। चिकित्साधिकारी का वेतन वृद्धि रोकने व हरदुआगंज सीएचसी ट्रांसफर तथा एएनएम की संविदा समाप्ति की कार्रवाई विभाग पहले ही कर चुका है।

निहा खान को लाभार्थी को न लगाकर कचरे में फेंकने का दोषी माना 

मामला जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दुर्गेश कुमार व उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी शरद अग्रवाल की ओर से दर्ज किया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि वैक्सीन एवं कोल्ड चैन मैनेजर रविंद्र शर्मा ने 22 मई को जमालपुर अर्बन पीएचसी का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि कोविड पोर्टल के अनुसार उक्त तिथि को 18 से 44 वर्ष आयु के 200 लोगों का टीकाकरण (कोवैक्सीन) किया गया। इस सत्र में 29 ऐसी सिरिंज ऐसी मिलीं, जिनमें वैक्सीन भरी हुई थी और हब कटा था। जिससे पता चला कि काफी लाभाॢथयों को बिना वैक्सीन के पोर्टल पर अपडेट किया गया। वायल से वैक्सीन भरने के बाद भी लाभाॢथयों को टीके से वंचित रखा। ऐसा जानबूझकर किया हुआ प्रतीत होता है। प्रभारी चिकित्साधिकारी व फार्मासिस्ट ने टीकाकरण कॢमयों को जिम्मेदार ठहराया। जांच समिति ने रिपोर्ट दी कि संविदा एएनएम ने 15 टीके लगाने का बयान दिया, जबकि उस दिन 60-70 टीके लगाए। प्रभारी चिकित्साधिकारी के संज्ञान में यह मामला था, लेकिन उन्होंने सीएमओ को कोई सूचना नहीं दी। इसलिए वे तथ्यों को छुपाने के दोषी हैं। निहा खान को 29 डोज लाभार्थी को न लगाकर कचरे में फेंकने का दोषी माना है। निहा खान ने इस कृत्य से राष्ट्रीय कार्यक्रम को क्षति पहुंचाई है। महामारी अधिनियम का उल्लंघन करते हुए जनमानस की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। पुलिस ने प्रभारी चिकित्साधिकारी व नौकरी से निकाली गईं एएनएम के खिलाफ आपदा अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तथ्यों को छुपाने, मिथ्या सूचना देने, जानबूझकर कूटरचित कृत्य करना, सांझा साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया है।

ऐसे हुई जांच

सिरिंज फेंकने की रिपोर्ट मिलते ही सीएमओ ने एसीएमओ डा. दुर्गेश कुमार व डा. एमके माथुर के निर्देशन में संयुक्त जांच समिति बनाई। 25 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीएचसी पहुंचकर जांच की। इसमें वैक्सीनेशन करने वाली दोनों एएनएम निहा खान व अन्नू, स्टाफ नर्स सोनम राजौरिया और प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा के बयान दर्ज किए गए। एएनएम ने सिरिंज खराब होना बताया था। किसी ने वैक्सीन भरी सिरिंज फेंकने की स्वीकारोक्ति तो नहीं की। खराब सिरिंज का इस्तेमाल बंद क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब किसी के पास नहीं था। फार्मासिस्ट ने अपने बयान में वैक्सीन का कार्य एनएमएम की टीम द्वारा किए जाने की बात कही। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने भी यही बयान दिया। अधिकारी न तो एएनएम की सफाई से संतुष्ट हुए और न प्रभारी चिकित्साधिकारी के बयान से। क्योंकि, किसी ने भी सिरिंज खराब होने की सूचना नहीं दी थी।

अब टीका लगवाने वालों से संपर्क कर रहे अधिकारी

जमालपुर अर्बन पीएचसी पर 10 मई से टीकाकरण किया जा रहा है। यहां से रोजाना अच्छे वैक्सीनेशन की रिपोर्ट प्राप्त हो रही थी, लेकिन 22 मई को निरीक्षण में वैक्सीन भरी 29 सिरेंज कचरे में मिली। पता लगा कि बताया जाता है कि टीकाकरण के लिए आने वालों को सुई तो चुभोई जाती थी, लेकिन वैक्सीन इंसर्ट करने की बजाय दवा भरी सिरिंज डस्टबीन में फेंक दी जाती थी। इस दिन कुल 200 लोगों को टीके लगाए गए। टीका लगवाने वालों को विभाग के अधिकारी फोन कर यह पता लगा रहे हैं कि किसी को कहीं कोई शक तो नहीं है। शक वालों को दोबारा टीका लगवाने पर विचार किया जाएगा।

यह भी हो चुकी है कार्रवाई 

प्रशासनिक आधार पर एएनएम निहा खान की संविदा समाप्ति व प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा की दो साल के लिए वेतन वृद्धि रोकते हुए तबादला किया गया है। डा. आरफीन की जगह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महफूजनगर की संविदा चिकित्सक डा. उस्मे ऐमन को नियुक्त किया गया है। फार्मासिस्ट अरविंद कश्यप को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनगढ़, संविदा स्टाफ नर्स सोनम राजौरिया को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महफूज नगर व यहां की स्टाफ नर्स रेखा राजपूत को जमालपुर में तैनात किया गयाा है। संविदा एएनएम अन्नू को हटाकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भुजपुरा में तैनात किया गया है।

डाक्टर व एएनएम पर लगे रासुका

पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने कहा है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरफीन जेहरा व एएनएम नेहा खान ने सरकार को बदनाम करने के लिए साजिश के तहत वैक्सीन भरी सिङ्क्षरज कचरे में डालीं। फर्जी टीकाकरण करने वाली एएनएम व मामले को दबाने के आरोपित प्रभारी चिकित्साधिकारी पर रासुका के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मेयर ने सोमवार को डीएम व एसएसपी को भी ज्ञापन सौंपने की जानकारी दी।