संवाददाता,अलीगढ़ : ब्राह्मणों के गोत्रों के बीच भी अब खींचतान शुरू हो गई है। राष्ट्रीय सनाढ्य ब्राहमण एकता समिति ने अपने हक के संघर्ष का एलान किया है। कहा है, जो पार्टी लोकसभा चुनाव में उनके सगोत्रीय नेताओं को टिकट देगी, उसी को समर्थन दिया जाएगा। नेताओं ने दावे से कहा कि जिले में ब्राह्मणों के बीच 95 फीसद उनके गोत्र (सनाढ्य) के हैं। इसके बूते ही ब्राह्मण समाज के नेता लंबे-चौड़े दावे ठोंक रहे हैं। नेताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव से ऐन पहले गठित समिति के इरादे पश्चिमी यूपी की सियासत नए सिरे से लिखने का है।

यहां मैरिस रोड स्थित एक होटल में समाज के नेताओं ने पत्रकारों को बताया कि पश्चिमी यूपी के सनाढ्य ब्राह्मणों को एकजुट करेंगे। नेताओं ने दावा किया कि ब्राह्मण समाज के सभी गोत्रों में 95 फीसदी सनाढ्य ही हैं। इन्हीं के बूते ब्राह्मण समाज के दूसरे गोत्रों के नेता दबदबा दिखाते हैं, लेकिन इसके बावजूद सनाढ्य ब्राहमणों को तमाम सियासी और सामाजिक फायदों से वंचित रखा जाता है। ये उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं होगी। इससे निपटने के लिए राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता समिति का गठन किया गया है। ये समिति विभिन्न मुद्दों पर जनांदोलन भी चलाएगी। समिति ने यह भी एलान किया है कि जो राजनैतिक दल उनके गोत्र (सनाढ्य ब्राह्मण) को टिकट देगा, उसी को समाज समर्थन करेगा। पत्रकारों से बातचीत के मौके पर बरौठा के चंद्रपाल शर्मा, तालिब नगर के सुधीर शर्मा, सुनामई के पुष्पेंद्र कुमार शर्मा, हरदुआगंज के कमल कुमार, खैर के राजेश उपाध्याय खैर, श्रीकृष्ण शर्मा, इगलास के हिमांशु शर्मा, सिकंदराऊ के चेतन शर्मा, हाथरस के राकेश दीक्षित, रामेश्वर दयाल शर्मा, राकेश शर्मा, राकेश पाठक, संजय शर्मा, रविंद्र शर्मा, रविशंकर शर्मा, योगेश शर्मा, जुगनू पंडित, अमित शर्मा, संजय राजा, सतीश चंद्र, रामकुमार शर्मा आदि थे।

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