Sawan 2023: बल्केश्वर महादेव, चंदन व केसर से होता है भगवान शिव का अभिषेक-शृंगार, भक्तों में बंटता है प्रसाद
Sawan ka somvar agra famous mandir आगरा में भगवान शिव की विशेष कृपा है। शहर के चारों कोनों पर शिवालय हैं। सावन के महीने में शिवालयों पर सोमवार के मेलो ...और पढ़ें

आगरा, डिजिटल डेस्क। बल्केश्वर में यमुना तट के नजदीक बल्केश्वर महादेव मंदिर है। इसे पूर्व में बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता था। मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को मेले का आयाेजन होता है। इसकी पूर्व संध्या पर रविवार को शहर के चारों कोनों पर स्थित शिवालयों की परिक्रमा की जाती है।
मंदिर का इतिहास
बल्केश्वर महादेव मंदिर जिस जगह पर स्थित है, पूर्व में वहां बिल्व पत्र (बेलपत्र) के पेड़ों का जंगल था। लगभग 700 वर्ष पूर्व जब यहां जंगल को काटा गया तो यहां शिवलिंग और मंदिर मिला। बिल्व पत्र के जंगल में होने की वजह से मंदिर को बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर कहा जाता था।
मंदिर की है प्राचीन मान्यता
मंदिर की मान्यता है कि सच्चे मन से आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। मंदिर की विशेषता मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक शृंगार चंदन व केसर से किया जाता है। भक्तों को इसका प्रसाद दिया जाता है। शहर के शिव मंदिरों की परिक्रमा में बल्केश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पित करने की परंपरा है।
मेले का होता है आयोजन
सावन के दूसरे सोमवार पर 17 जुलाई को मंदिर में मेला लगेगा। सुबह चार बजे से अभिषेक व आरती होगी। इसके बाद जलाभिषेक होगा। शाम को शृंगार होगा और रात को आरती होगी। -कपिल नागर, महंत बल्केश्वर महादेव मंदिर
बल्केश्वर नाथ महादेव से जो मांगो, भगवान वह देते हैं। यहां होने वाली आरती मनमोह लेती है। भोलेनाथ के जयकारों की गूंज के बीच माहौल भक्तिमय हो उठता है। -नीतू गुप्ता, श्रद्धालु
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