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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आगरा सचिन हत्याकांड, वाट्सएप डाटा नहीं ले सकी पुलिस, वसूलनी थी दो करोड़ की फिरौती, पीपीई किट पहन फूंका था शव

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Wed, 21 Jun 2023 07:36 AM (IST)

Agra Crime News सचिन चौहान हत्याकांड में दो वर्ष बाद भी वाट्सएप डाटा नहीं निकाल सकी पुलिस। न्यू आगरा से ...और पढ़ें

Agra Crime News: दो साल बाद भी सचिन हत्याकांड में वाट्सएप चैट नहीं मिली।
Agra Crime News: दो साल बाद भी सचिन हत्याकांड में वाट्सएप चैट नहीं मिली।

आगरा, जागरण संवाददाता। ताजनगरी के चर्चित सचिन चौहान हत्याकांड में दो वर्ष बाद भी पुलिस आरोपितों का वाट्सएप काल की डिटेल हासिल नहीं कर सकी है। सचिन की दो करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने के लिए अपहरण किया गया था। हत्या करने के बाद आरोपितों ने पीपीई किट पहनकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच लोगों को जेल भेजा था। इसमें दो आरोपित जमानत पर बाहर हैं, तीन अभी जेल में हैं।

श्मशान घाट पर किया अंतिम संस्कार

जयराम बाग दयालबाग निवासी शीतगृह मालिक सुरेश सिंह चौहान के 25 वर्षीय पुत्र सचिन चौहान का 21 जून 2021 को दोपहर तीन बजे अपहरण कर लिया गया था। आरोपितों ने उसे वाट्सएप काल करके बुलाया था। उन्होंने शाम को पांच बजे सचिन की हत्या कर दी। रात को आठ बजे बल्केश्वर श्मशान घाट पर पीपीई किट पहनकर सचिन के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पीपीई किट हत्यारोपिताें के षडयंत्र का हिस्सा थी। जिससे कि वह मरने वाले काे कोरोना संक्रमित बता अपनी पहचान छिपा सकें।

यमुना में अस्थियों को किया था प्रवाहित

उन्होंने 22 जून की सुबह सचिन की अस्थियों को चुनने के बाद यमुना में प्रवाहित कर दिया था। जिससे कि हत्या से संबंधित सारे साक्ष्यों को मिटाया जा सके। पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश करते हर्ष चौहान निवासी बरहन, सुमित असवानी, हैप्पी खन्ना, मनोज बंसल और रिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

कानपुर में फेंका था सचिन का मोबाइल

आरोपितों ने पूछताछ में सचिन को वाट्सएप काल करके बुलाने की जानकारी दी थी। उन्होंने सचिन का मोबाइल कानपुर में जाकर फेंका था। जिससे कि पुलिस को उनकी लोकेशन को लेकर भ्रमित किया जा सके। पुलिस ने सचिन और आरोपितों की वाट्सएप काल की डिटेल निकालने की कहा था। जिससे कि आरोपितों के विरुद्ध डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा सकें। दो वर्ष बाद भी पुलिस यह डाटा हासिल नहीं कर सकी है।

पिता सुरेश चौहान ने बताया कि हत्यारोपित हर्ष चौहान और सुमित असवानी जमानत पर बाहर हैं। एसीपी अरीब अहमद ने बताया कि हत्याकांड में आरोप पत्र प्रेषित किया जा चुका है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

हत्याकांड में हैं 30 गवाह

सचिन हत्याकांड में पुलिस ने 30 लोगों को बनाया है। अब तक 12 लोगाें की गवाही हो चुकी है। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध साक्ष्य के रूप में सचिन का एटीएम, सीसीटीवी फुटेज, श्मशान घाट की रसीद आदि एकत्रित किए थे।

बेटे को न्याय मिलेगा, तब शांति मिलेगी

पिता सुरेश सिंह चौहान कहते हैं कि बेटे को न्याय मिलेगा, तभी उन्हें शांति मिलेगी। सचिन इकलौता बेटा था। हत्यारोपितों ने घर के चिराग को बुझा दिया। बेटे के बाद उनकी भी हत्या की साजिश रची थी।