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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agra News: Rs 4000 के लिए लड़ी 30 साल लड़ाई, 1994 में स्कूल ने वापस नहीं की बेटे की जमानत राशि, अब देने होंगे इतने रुपये

Published: Wed, 01 May 2024 07:28 AM (IST)

Agra News In Hindi Today वर्ष 1994 में स्कूल के विरुद्ध उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम दायर किया था परिवाद। ...और पढ़ें

Agra News: 4000 रुपये के लिए 30 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद मिली जीत
Agra News: 4000 रुपये के लिए 30 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद मिली जीत

HighLights

  1. 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वादी रुपये वापस करें
  2. चार हजार रुपये के लिए करना पड़ा लंबा इंतजार

जागरण संवाददाता, आगरा। स्कूल से चार हजार रुपये की जमानत राशि लेने का छात्र के पिता ने 30 वर्ष तक प्रतीक्षा की। वर्ष 1994 में स्कूल के खिलाफ उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में परिवाद दायर किया था।वर्ष 1996 में आयोग के आदेश के 28 वर्ष बाद स्कूल ने 40 हजार 210 रुपये का चेक जमा कराया।

दहतोरा के उदय प्रकाश ने जनवरी 1992 में अपने पुत्र उत्कर्ष का प्रवेश मेरिया एकेडमी कराया था। फीस एवं अन्य मद में 20 हजार रुपये जमा कराए थे। इसमे चार हजार रुपये जमानत राशि के रूप में थे। यह धनराशि सत्र की समाप्ति के बाद स्कूल द्वारा छात्र को वापस करनी थी। अप्रैल 1994 में वादी ने प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र देकर जमानती राशि के चार हजार वापस करने का आग्रह किया।

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1994 में दायर किया था परिवाद

प्रबंधन द्वारा जमानत राशि नहीं देने पर वादी ने मई 1994 को आयोग में परिवाद दायर किया था। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष द्वारा अक्टूबर 1996 को स्कूल प्रबंधन को आदेशित किया था कि वह मुकदमा दायर करने की दिनांक से 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वादी मुकदमा को चार हजार रुपये वापस करे। साथ ही एक हजार रुपये प्रतिकर अदा करे।

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स्कूल प्रबंधन द्वारा अब जाकर आयोग में 40 हजार रुपये का चेक जमा कराया गया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार एवं सदस्य डा. अरुण कुमार ने परिवादी को उक्त चैक सुपुर्द करने के आदेश दिए।