आगरा, जागरण संवाददाता। Chhapak Movie: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के जेएनयू में जाने के बाद अचानक विवादों में आई उनकी नई फिल्म 'छपाक' शुक्रवार को रिलीज हो गई।  फिल्‍म देखकर बाहर निकले दर्शकों पर छपाक की छाप साफ नजर आई। दर्शक फिल्‍म देखकर इतने प्रभावित हुए हैं कि दीपिका को उनके अभिनय के लिए अवार्ड की मांग भी करने लगे। वहीं कुछ युवा एसिड अटैक पीडि़ताओं के साहस को सलाम कर रहे थे। दर्शकाें के चेहरे की मुस्‍कान साफ बता रही थी कि छपाक ने बखूबी अपनी छाप छोड़ी है।

 

शुक्रवार को आगरा में सिर्फ मल्‍टीप्‍लेक्‍स में ही फिल्‍म को रिलीज किया गया है। सर्व मल्‍टीप्‍लेक्‍स, गोल्‍ड सिनेमा और कार्निवल मल्‍टीप्‍लेक्‍स में सुबह पौन दस बजे पहला शो था। गोल्‍ड सिनेमा में एक भी दर्शक न पहुंचने के चलते पहला शो रद कर दिया गया। हालांकि 12 बजे के दूसरे शो में दर्शकों की अच्‍छी संख्‍या पहुंच गई। सुरक्षा का जायजा लेने के लिए गोल्‍ड सिनेमा पर एसपी सौरभ दिक्षित व हरिपर्वत इंंस्पेक्टर अजय कौशल पहुंच गए।  

रिलीज के साथ कहीं विवाद न हो जाए इसके चलते हर मल्‍टीप्‍लेक्‍स पर पुलिस फोर्स तैनात पहले ही कर दिया गया था। सुबह जब पहले शो का समय हुआ तो संभावना थी कि छात्र बड़ी संख्‍या में फर्स्‍ट डे फर्स्‍ट शो की चाहत में फिल्‍म देखने पहुंचेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गोल्‍ड सिनेमा पर जब दर्शक नहीं पहुुंचे तो शो को रद कर दिया गया। 12 बजे के शो में दर्शकों की अच्‍छी संख्‍या फिल्‍म देखने जरूर पहुंची। गोल्‍ड सिनेमा में दोपहर दो बजे के शो में शीरोज हैंगआउट की एसिड अटैक सर्वाइवर फिल्‍म देखने पहुंचेंगी।

ये है दर्शकों की राय

फिल्‍म देखकर अहसास हुआ कि एसिड अटैक पीड़िता का साहस दुख और डर को कम कर देता है। यदि हिम्‍मत हो तो हर मुश्किल से पार पाई जा सकती है।

- खुशी 

  

दुनिया के किसी भी दर्द से मुश्किल दर्द एक तेजाब हमले की पीडि़ता का होता है। फिल्‍म देखकर उनके दर्द का जीने का, समझने का मौका मिला है। तेजाब से हमले के बाद कोई तन और मन से टूट जाएगा लेकिन छपाक में उन्‍हें फिर से संभलतेे हुए ि‍दिखाया गया है।  

- रामकिशन 

फिल्‍म में दीपिका का किरदार लड़कियों को प्रेरणा देता है। सशक्‍त अभिनय क्‍या होता है ये इस फिल्‍म को देखकर समझना चाहिए। लक्ष्‍मी की पीड़ा और हिम्‍मत को दीपिका ने बखूबी निभाया। उन्‍हें इस फिल्‍म के लिए नेशनल अवार्ड मिलना चाहिए। 

- मोहिनी 

निर्देशक मेेेेघना गुलजार की इस फ़िल्म में संवेदनशील विषय को मार्मिक रूप से दिखाया गया है।  यह फिल्‍म एसिड अटैक पीड़िताओं को हिम्‍मत देगी और समाज को इस ओर सोचने के लिए मजबूर करेगी। 

- संजीव कुमार 

दिल्ली की लक्ष्मी पर बेस्‍ड है फिल्म की स्‍टोरी

'छपाक' फिल्म में दीपिका एसिड अटैक पीड़िता की भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म जिसपर बनी है, उनका नाम लक्ष्मी अग्रवाल है। उन पर साल 2005 में नदीम खान नामक एक शख्स ने एसिड फेंका था। मिडिल क्लास में जन्मीं लक्ष्मी अग्रवाल ने सिंगर बनने का सपना देखा था। लेकिन 32 वर्षीय नदीम खान ने उनसे शादी करने की इच्छा जताई, जिसे लक्ष्मी ने मना कर दिया। इसके बाद साल 2005 में लक्ष्मी दिल्ली की खान मार्केट स्थित एक किताब की दुकान में थीं, जहां पर नदीम ने उनपर एसिड फेंक दिया। चेहरे पर एसिड पड़ने के बाद लक्ष्मी अग्रवाल सड़क पर गिर गईं और फिर एक टैक्सी ड्राइवर ने उन्हें नजदीक के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया।

 

Posted By: Tanu Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस