आगरा में पेड़ों की अवैध कटान पर NGT का केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस, 12 मार्च को होगी सुनवाई
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आगरा में ताजमहल और आगरा-ग्वालियर राजमार्ग के आसपास पेड़ों की अवैध कटाई और अतिक्रमण पर केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार सहि ...और पढ़ें

नई दिल्ली, प्रेट्र। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आगरा जिले के पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र विशेष रूप से ताजमहल के आसपास और आगरा-ग्वालियर राजमार्ग के किनारे पेड़ों की अवैध कटाई और अतिक्रमण के आरोप पर केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।
एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ इस क्षेत्र में हरे आवरण के विनाश से संबंधित याचिका की सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आगरा विकास प्राधिकरण ''ताजमहल और आगरा किला के बीच स्थित एक सदी पुराने शाहजहां पार्क में कियोस्क, पक्के रास्ते और ईंट-सीमेंट की संरचनाएं बना रहा है।''
23 दिसंबर को जारी एक आदेश में पीठ ने यह नोट किया कि ऐसे निर्माण के दौरान सदी पुराने पेड़ों की जड़ों के पास गड्ढे खोदे गए हैं। हरे आवरण को नष्ट किया गया है और पक्षियों और तितलियों का आवास प्रभावित हुआ है।
ट्रिब्यूनल ने उल्लेख किया, ''आवेदक का आगे का आरोप है कि आगरा नगर निगम ग्वालियर रोड पर मधु नगर के आगे हरे बेल्ट पर एक सेल्फी पाइंट के लिए अवैध रूप से कंक्रीट की संरचना बना रहा है।'' याचिका के अनुसार कई निजी व्यक्तियों ने राजमार्ग के दोनों किनारों पर अनिवार्य हरे बेल्ट पर पेड़ काटे हैं और इमारतें खड़ी की हैं।
मूल पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाती है। उत्तरदाताओं को नोटिस जारी करें। इस मामले में उत्तरदाता या पक्षों में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश राज्य, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आगरा के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त और जिला वन अधिकारी, ताज ट्रेपेजियम जोन प्राधिकरण और आगरा विकास प्राधिकरण शामिल हैं।

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