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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Agra News: ताजमहल में पर्यटकों के लिए बन गया ये खास जोन, अब परिसर से बाहर जाने की नहीं जरूरत

Published: Mon, 15 Jul 2024 07:40 PM (IST)

ताजमहल में पर्यटकों की सहायता को मेडिकल असिस्टेंस जोन बन गया है। पर्यटकों को स्मारक से बाहर ले जाने में ...और पढ़ें

ताजमहल के पूर्वी बरामदे में तैयार किया गया मेडिकल असिस्टेंस जोन । जागरण
ताजमहल के पूर्वी बरामदे में तैयार किया गया मेडिकल असिस्टेंस जोन । जागरण

HighLights

  1. पर्यटकों को स्मारक के अंदर ही मिलेगी चिकित्सीय सुविधा
  2. बाहर ले जाने में लगता है समय, उपचार में नहीं होगा विलंब

जागरण संवाददाता, आगरा। ताजमहल में पर्यटकों की सहायता को मेडिकल असिस्टेंस जोन बन गया है। पूर्वी बरामदे में बने मेडिकल असिस्टेंस जोन में अब पर्यटकों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। यहां चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की टीम तैनात करने के साथ ही अन्य आवश्यक इंतजाम भी किए जा रहे हैं। वर्तमान में पर्यटकों को स्मारक से बाहर ले जाने में लगने वाले समय की वजह से उपचार में विलंब होता है। इसको लेकर कई बार सवाल भी उठ चुके हैं।

फतेहपुर सीकरी में पिछले वर्ष 21 सितंबर को फ्रांसीसी पर्यटक एस्मा की मृत्यु गिरने की वजह से हो गई थी। तुर्की सुल्ताना महल की रेलिंग निकलने से वह गिर गई थीं। इसके बाद स्मारकों का सेफ्टी आडिट हुआ था। ताजमहल में पूर्वी गेट के बराबर में स्थित कोठरी में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाया गया था।

ताजमहल के अंदर से बीमार पर्यटकों को व्हीलचेयर पर बैठाकर लाने में 10 मिनट तक का समय कम से कम लगता है। बीमार व्यक्ति के लिए यह समय बहुमूल्य होता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा को स्मारक के अंदर ही चिकित्सा उपलब्ध कराने पर जोर दिया था।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने पूर्वी बरामदे में टायलेट के समीप मेडिकल असिस्टेंस जोन तैयार कराया है। फाइबर शीट का इस्तेमाल कर इसे तैयार किया गया है। इसमें चिकित्सक का केबिन, मेडिकल स्टाफ के बैठने, बीमार पर्यटकों के उपचार को जरूरी इंतजाम, दवाएं रखने को अलमारी, फर्नीचर आदि व्यवस्था इसमें रहेगी।

अधीक्षण पुरातत्वविद डा. राजकुमार पटेल ने बताया कि मेडिकल असिस्टेंस जोन का काम पूरा हो गया है। जल्द ही इससे पर्यटकों को चिकित्सीय सहायता तत्काल मिल सकेगी।

बच्ची की जान पर बन आई थी

24 जून को कर्नाटक के बेलगाम से आए दंपती की जान पर बन आई थी। स्मारक के अंदर से जब तक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान माता-पिता से बिछड़ी बच्ची को प्राथमिक चिकित्सा कक्ष लेकर पहुंचे थे, तब तक उसके शरीर में हलचल बंद हो गई थी। उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया था। चिकित्सक डा. रिंकू बघेल ने सीपीआर दी थी। गर्मी में प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक पर्यटक बेहोश होकर ताजमहल में गिर रहे थे। उन्हें अब तत्काल उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

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