Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    MCP Card: यदि आप हैं गर्भवती तो बनवा लीजिए एमसीपी कार्ड, Birth Certificate के साथ इसके फायदे हैं और भी

    By Ajay DubeyEdited By: Prateek Gupta
    Updated: Tue, 01 Nov 2022 09:38 AM (IST)

    MCP Card गर्भधारण करने के बाद बनवा लें अपना एमएसपी कार्ड एक लाख से अधिक गर्भवती के बने कार्ड। मसीपी कार्ड 40 पेज की एक पुस्तिका है। इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है।

    Hero Image
    MCP Card: गर्भवती महिलाओं के लिए एमसीपी कार्ड बनवाना फायदेमंद है।

    आगरा, जागरण संवाददाता। गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के लिए हर संभव और सही प्रयास किया जाना जरूरी है। किसी भी प्रकार की शंका के लिए गर्भवस्था के रजिस्ट्रेशन के दौरान दिए जाने वाले एमसीपी कार्ड (मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड) की मदद ली जा सकती है| स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए जाने वाले एमसीपी कार्ड में गर्भावस्था के दौरान व प्रसव के बाद शिशु की संपूर्ण देखभाल को लेकर जानकारियां दी गई हैं। यदि एमसीपी कार्ड में लिखी सभी जानकारियों का अनुसरण किया जाए तो जच्चा-बच्चा को स्वस्थ रखने के लिए यह कार्ड वरदान साबित होता है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ये भी पढ़ेंः एकतरफा प्यार में दुस्साहस, शिकायत के छह महीने बाद फिल्मी स्टाइल में घर से उठा ले गए किशाेरी

    स्वास्थ्य संबंधी सलाह का विवरण

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एमसीपी कार्ड 40 पेज की एक पुस्तिका है। इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि एमसीपी कार्ड सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के पंजीकरण के समय दिया जाता है। इसमें गर्भावस्था से संबंधित सभी आवश्यक सलाह व सूचनाओं का विवरण दर्ज रहता है। इसमें गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर किए जाने वाले सभी चेक-अप से लेकर प्रसव में बरती जाने वाली सावधानियां दर्ज होती हैं। प्रसव के बाद बच्चे का उम्र के हिसाब से ध्यान रखने के महत्वपूर्ण जानकारियां भी इस पुस्तिका में दे रखीं हैं। इसमें शिशु के टीकाकरण की भी संपूर्ण जानकारी होती है।

    शिशु की कर सकते हैं समुचित देखभाल

    एसीएमओ आरसीएच डा. संजीव वर्मन ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती व उसके परिवार को एमसीपी कार्ड पढ़ना चाहिए। उसी के हिसाब से गर्भवती व शिशु की देखभाल करनी चाहिए। इसमें गर्भवती की प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात देखभाल से लेकर शिशु की देखभाल से संबंधी सभी जानकारियां दी गईं हैं। इनका अनुसरण किया जाए तो जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि जनपद में कार्ड वितरण होने जनपद में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1.25 लाख एमसीपी कार्ड वितरित किए गए हैं।

    रखें सुरक्षित

    जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता संगीता भारती ने बताया कि जब भी जांच व प्रसव के लिए गर्भवती जाएं, तो एमसीपी कार्ड को साथ को ले जाना न भूलें। एमसीपी कार्ड को अन्य दस्तावेजों की तरह सुरक्षित रखें। इसी कार्ड में बच्चे के टीकाकरण भी रिकॉर्ड होता है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ के रीजनल कोऑर्डिनेटर अरविंद कुमार शर्मा के द्वारा एमसीपी कार्ड पर दिए गए चार की-मैसेज के बारे में आशा व एएनएम को जानकारी देने में सहयोग किया जा रहा है।

    ये हैं फायदे

    -दी गईं सेवाओं, टीकाकरण आदि से लाभार्थी व स्वास्थ्य कार्यकर्ता अवगत रहते हैं।

    -मातृ एवं शिशु देखभाल के आधुनिक तरीकों की जानकारी मिलती है।

    -प्रसव की संभावित तिथि व शिशु जन्म की वास्तविक तिथि की जानकारी रहती है।

    -मातृ एवं शिशु में होने वाले संभावित खतरों की जानकारी मिलती है।

    -आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान एमसीपी कार्ड के उपयोग से मां व परिवार को उचित सलाह देती है।

    -एमसीपी कार्ड पर दर्ज आरसीएच नंबर से स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने में मदद मिलती है।

    -जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में एमसीपी कार्ड सहायक होता है।