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    महाकुंभ पर छिड़ी बहस के बीच 'रावण' की एंट्री, अखिलेश के बयान पर अनिरुद्धाचार्य बोले- 'सब राम हो जाएंगे तो...

    Updated: Wed, 26 Feb 2025 02:00 PM (IST)

    Agra News In Hindi महाकुंभ मेले के बीच समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के बयान पर संत अनिरुद्धाचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर सभी राम हो जाएंगे तो रावण कहां से आएगा। यह एक उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि यमुना मैया आशीर्वाद देना चाह रही हैं लेकिन आशीर्वाद तभी मिलेगा जब यमुना शुद्ध होगी।

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    Agra News: मथुरा जिले में रहते हैं कथावाचक अनिरुद्धाचार्य।

    जागरण संवाददाता, आगरा: ताज महोत्सव में यमुना आरती स्थल पर वाराणसी की तर्ज पर हो रही यमुना आरती में मंगलवार को आए संत अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश यादव पर तीखी टिप्पणी की। प्रयागराज महाकुंभ पर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, राम सब हो जाएगे तो रावण कहां जाएगा। ये उदाहरण है।

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    यमुना में सफाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यमुना मैया आशीर्वाद देना चाह रही हैं, लेकिन आशीर्वाद भी तभी मिलेगा जब यमुना शुद्ध होगी। बिग बॉस में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भक्तों को उस जगह जरूर जाना चाहिए, जहां से बुलावा आए। हर जगह जाना चाहिए, जहां धर्म मजबूत हो। वक्फ बोर्ड पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये न हो तो ही अच्छा है। उन्होंने यमुना मैया की आरती की। यमुना आरती स्थल पर मंगलवार को शहरवासी उमड़े। 

    छल-कपट से भरे चौसर युद्ध ने रचा महाभारत

    मरीज की नब्ज थामकर मर्ज भांपने और स्टेथोस्कोप (आले) से धड़कन सुनने वाले और भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले चिकित्सक ताज महोत्सव में मंगलवार को अलग अवतार में नजर आए। सूरसदन के मंच पर उन्होंने नृत्य नाटिका यदा-यदा ही धर्मस्य की प्रस्तुति में चौसर के खेल, गीता उपदेश और महाभारत युद्ध का मंचन कर दर्शकों की आंखों को कभी पानी से भरा तो कभी श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने को मजबूर किया। कम शब्दों में भाव प्रवण अभिनय से वह यह संदेश देने में सफल रहे कि छल-कपट से भरे चौसर युद्ध ने ही महाभारत रचा था।

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    महाभारत का युद्ध

    संस्कार भारती के चितचोर फाउंडेशन द्वारा आयोजित नाटक में संदेश दिया गया कि रणभूमि में महाभारत का युद्ध होने से पूर्व मनोभूमि में चौसर के रूप में खेला गया। शंखनाद के साथ श्रीगणेश और वेद व्यास के संवाद के बाद द्रौपदी के स्वयंवर को दर्शाया गया। चौसर के खेल में शकुनि मामा के छल व कपट की गोटियों ने स्त्री के स्वाभिमान को तार-तार कर दिया। कौरवों की राजसभा में अपमानित हुई स्त्री की गरिमा के भरी सभा में आहत होते ही कालचक्र के सबसे प्रचंड युद्ध महाभारत का शंखनाद हुआ। भरी सभा में ऐसा कोई नहीं था, जो द्रौपदी की रक्षा कर सके।

    भजन पर भक्ति का मंजर

    श्रीहरि की भक्ति ने जब द्रौपदी का चीर बढ़ाया तो हरे कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा... भजन पर दर्शक श्रीकृष्ण की भक्ति में मग्न नजर आए। नृत्य नाटिका में यह दिखाया गया कि दुर्याेधन का अरमान हस्तिनापुर के सिंहासन को पाने के साथ पांचाली के अभिमान को तोड़ना था, जिसके लिए चौसर का खेल रचा गया। नृत्य नाटिका से पूर्व त्रिशक्ति वंदना डा. रिचा कुमार, डा. मीरा सिंह, डा. सपना ने की। नृत्य निर्देशक आर्य व चांदनी थे। इससे पूर्व होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने नाटक का शुभारंभ किया।

    अभिनय में रहे ये डॉक्टर

    डा. नरेंद्र मल्होत्रा, डा. रवि पचौरी मौजूद रहे। नाटक में इन्होंने किया अभिनय नाटक में डा. पंकज नगायच ऋषि वेद व्यास, डा. सुरेंद्र पाठक श्रीकृष्ण, डा. अनूप दीक्षित शकुनि मामा, डा. प्रीति पाठक द्रोपदी, डा. योगेश सिंघल दुशासन, डा. अनुराग गुप्ता दुर्योधन, डा. संजना अरोरा युधिष्ठिर, डा. अनुपम त्यागी अर्जुन, डा. अवंती गोयल भीम, डा. संधि जैन नकुल, डा. सुनीता पंजवानी कुंती, शौर्य पाठक गणेश जी, डा. कनिका गोयल सहदेव की भूमिका में नजर आईं। डा. मनीषा गुप्ता, डा. पल्लवी गोयल, डा. मेघा अग्रवाल, डा. रश्मि सक्सेना, डा. साक्षी मिश्रा ने भी अभिनय किया। संचालन डा. पूजा नगायच, डा. रेनू अग्रवाल, डा. अर्चना सिंघल ने किया।

    ताज महोत्सव में आज के कार्यक्रम

    शिल्पग्राम शाम 7 बजे: सुजीत तिवारी का समूह गायन, दिनेश कुमार गाेस्वामी का सुगम संगीत, राकेश उपाध्याय का भोजपुरी गायन, सुगम सिंह शेखावत की नृत्य प्रस्तुति, जगदीशन एवं दीप्ति ओमचेरी भल्ला का कथककली व मोहिनीअट्टम रात 8 बजे: कन्हैया मित्तल की भजन संध्या। सूरसदन शाम 7 बजे: आगरा विरासत फाउंडेशन का जरदोजी हमारी धरोहर, हमारी पहचान सदर बाजार शाम 7 बजे: डाल लाल सिंह राजपूत का लोक संगीत, वेणुनाथ कला केंद्र का ओडिसी समूह नृत्य, डा. आंश्वना सक्सेना का समूह नृत्य सेल्फी प्वाइंट आइ लव आगरा शाम 7 बजे: तौकीर खान का कैफियत बैंड, हरिओम माहौर का तबला वादन, अनवर हुसैन का संतूर वादन, अलीम खान का वायलिन वादन, वंदना मिश्रा का लाेक गायन यमुना आरती स्थल शाम 5ं:30 बजे: सांस्कृतिक कार्यक्रम व यमुना आरती