Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Laddu Gopal: 27 वर्षों से की 'लाला' की सेवा, आज सात दिन से हैं गुम, बेसुध शशि की आंखों में केवल आंसू, ऐसी है कृष्ण भक्ति

    By Abhishek SaxenaEdited By:
    Updated: Wed, 27 Jul 2022 06:01 PM (IST)

    Laddu Gopal कृष्ण की भक्ति ऐसी है जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज छोड़ा था और ऊधौ गोपियों को समझाने आए थे उस समय गोपियाें ने रो-रोकर उनके मथुरा में कान्हा के आने की विनती की थी। आज एक परिवार लड्डू गोपाल के गुम होने पर उदास है।

    Hero Image
    Laddu Gopal: लड्डू गोपाल के गुम होने पर उदास है परिवार, फाइल तस्वीर, जागरण।

    आगरा, जागरण टीम। यही तो अपने आराध्य के प्रति भाव है। जिन लड्डू गोपाल की 27 साल से बच्चे के रूप में सेवा की, वह गुम हो गए, तो शशि सिंह की जिंदगी में जैसे अंधेरा छा गया। सात दिन तक लाला की झलक नहीं मिली। बेसुध हुईं शशि की आंखों से अब केवल आंसू बहते हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कृष्ण भक्त शशि उम्मीद है 'लाला' जल्द वापस आएगा

    खाना हलक से नीचे नहीं उतर रहा है। उम्मीद है कि उनका लाला जल्द ही वापस आ जाएगा। वह लाला के खाली सिंहासन के सामने भोग परोस रही हैं। नोएडा के रियल एस्टेट कारोबारी श्यामवीर सिंह ने 21 जुलाई की सुबह राजभोग सेवा में मंदिर सेवायत मोनू गोस्वामी की सेवा में फूलबंगला अर्पित किया था।

    वृंदावन में रहता है कृष्ण भक्त का परिवार

    श्यमवीर का एक फ्लैट वृंदावन के एनआरआइ ग्रीन में हैं। परिवार के साथ ज्यादातर यहीं रहते हैं। पत्नी शशि सिंह अपने लड्डू गोपाल को लेकर भी मंदिर सुबह छह बजे ही पहुंच गईं। ठा. बांकेबिहारी अपने सिंहासन पर विराजे। शशि ने लड्डूगोपाल भी उनके समीप विराजित करा दिए।

    दोपहर को राजभोग आरती के बाद पट बंद हुए, सेवायत ठाकुरजी को विश्राम करानने गर्भगृह में ले गए और लड्डूगोपाल शशि सिंह को सौंप दिए। इसके बाद पूरा परिवार ठाकुरजी के छप्पनभोग की डलिया व अन्य सामान उठाने जगमोहन में पहुंच गया।

    लड्डू गोपाल को चंदन कोठकरी के पास विराजित करा दिया

    सामान उठाते समय लड्डू गोपाल को पास में चंदन कोठरी के समीप विराजित कर दिया। इसी दौरान 10-15 लोग एक साथ ऊपर चढ़े। इसी बीच लड्डू गोपाल गायब हो गए। स्वजन परेशान हुए। पूरे मंदिर में लाला को ढूंढा। सीसीटीवी फुटेज देखे।

    परिवार को एक व्यक्ति गेट नंबर चार पर लड्डूगोपाल लिए फुटेज में दिखा। लेकिन शशि ये स्पष्ट नहीं कर पा रहे कि ये लड्डू गोपाल उनके हैं या नहीं। लड्डू गोपाल की खोज करने वाले को दस हजार रुपये देने का विज्ञापन भी शशि ने दिया। मंदिर के बाहर इसका बैनर भी लगा दिया।

    कभी घर से बाहर नहीं जाते ठाकुरजी

    शशि सिंह के बेटे अनिरुद्ध ने बताया ठाकुरजी को वे कभी घर से बाहर नहीं ले जाते। उस दिन ठा. बांकेबिहारीजी को फूलबंगला सेवा अर्पित की थी। ठाकुरजी के समीप बिठाने का सौभाग्य मिला। वह कहते हैं कि मां की हालत ऐसी है कि वह हर पल अपने लाला का इंतजार कर रही हैं। आंखों से आंसू थम नहीं रहे।

    अब लीला बंद कर वापस भी आ जाओ

    शशि सिंह कहती हैं कि वह 27 साल से बेटे की तरह लड्डू गोपाल की सेवा कर रही हैं। सुबह चार बजे उठकर उठकर फिर 24 घंटे देखभाल करती हूं। सुबह की चाय, बाल भोग से लेकर दोपहर को राजभोग और फिर शाम को शयनभोग सेवा की। हर उत्सव में वह भी साथ में शामिल होते।

    वह कहती हैं कि अब तक लड्डू गोपाल का ही इंतजार हैं। परिवार की खुशियां जैसे चली गईं। वह आंखों से ओझल हैं, ये उनकी लीला है। वह जरूर नहीं हैं, लेकिन उनके खाली सिंहासन के सामने भोग परोसती हूं। लीला बंद कर वह जरूर वापस आएंगे।

    ये भी पढ़ें: सात दिन बाद भी लड़्डू गोपाल गुमशुदा, बटेंगे पर्चे, ढूंढकर लाने वाले को मिलेंगे दस हजार रुपये