Move to Jagran APP

IT Raid Agra: जूता कारोबारियों के यहां मिले इतने करोड़ कि दाे कैश वैन में भरकर बैंक पहुंचाए नोट

Income Tax Raid In Agra Shoe Businessman जूता कारोबारी के यहां 48 घंटे जांच 53 करोड़ नकद बरामद। आयकर विभाग की 14 टीमों में शामिल 100 अधिकारियों व आयकर निरीक्षकों ने जूता कारोबारियों के 14 ठिकानों पर कार्रवाई की। 50 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी इन स्थानों पर लगाई गई थी। आयकर विभाग की अभी भी 10 ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।

By Nirlosh Kumar Edited By: Abhishek Saxena Published: Tue, 21 May 2024 07:54 AM (IST)Updated: Tue, 21 May 2024 07:54 AM (IST)
Agra News: आयकर विभाग की टीम ने दो कैश वैन में रखकर नोट भेजे बैंक।

जागरण संवाददाता, आगरा। आयकर विभाग को जूता कारोबारियों के यहां सर्च में बड़ी सफलता हाथ लगी है। हरमिलाप ट्रेडर्स के रामनाथ डंग के जयपुर हाउस स्थित आवास पर 48 घंटे तक सर्च के बाद बरामद 53 करोड़ रुपये बैंक में जमा करा दिए गए।

अन्य दोनों जूता कारोबारियों बीके शूज और मंशु फुटवियर के यहां बरामद नकद धनराशि को जोड़कर विभागीय अधिकारी 55-60 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की बात कह रहे हैं। इसे प्रदेश की सबसे बड़ी नकद बरामदगी बताया जा रहा है। जूता कारोबारी के घर में मिले नोट इतने थे कि दो कैश वैन में भरकर बैंक तक पहुंचाए गए।

शनिवार को मारा था छापा

आयकर विभाग ने शनिवार सुबह 11 बजे हींग की मंडी स्थित हरमिलाप ट्रेडर्स, धाकरान चौराहा स्थित मंशु फुटवियर और सुभाष पार्क एमजी रोड स्थित बीके शूज के 14 ठिकानों पर एक साथ सर्च शुरू की थी। हरमिलाप ट्रेडर्स के प्रोपराइटर रामनाथ डंग का पर्ची का भी काम है। उनके आलोक नगर जयपुर हाउस स्थित आवास पर बेड, बैग, जूतों के डिब्बों में 60 करोड़ रुपये की धनराशि बरामद होने की चर्चा चली थी।

ये भी पढ़ेंः Firozabad: डीजे वाले दोस्त से थे पत्नी के संबंध, रोड़ा बना पति तो प्रेमी व उसके दोस्तों से कराई हत्या

नोट गिनने की मशीनों से चली थी रात भर गिनती

आयकर विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक के स्टाफ और नोट गिनने वाली 10 से अधिक मशीनें उनके आवास पर मंगाई थीं। शनिवार रात और रविवार को पूरे दिन व रात नोटों की गिनती चली। सोमवार सुबह तक उनके यहां नोटों की गिनती चली। 48 घंटे के सर्च में उनके यहां बरामद रकम करीब 53 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

आयकर विभाग ने सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे सुरक्षा घेरे में बरामद रकम को भारतीय स्टेट बैंक में भिजवाया। दो कैश वैन में यह धनराशि भिजवाई गई। बीके शूज के सुभाष मिड्डा व अशोक मिड्डा के यहां करीब एक करोड़ और मंशु फुटवियर के यहां करीब 2.5 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई है।

ये भी पढ़ेंः Murder In Love Affair; नौकरी करने जा रहा पति ट्रेन छूट जाने से पहुंचा घर, प्रेमी संग पत्नी देखी...मार डाला बुजुर्ग

आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीनों जूता कारोबारियों के यहां से नकद बरामद हुई धनराशि 55-60 करोड़ रुपये के मध्य है। नकद मिली धनराशि काे भारतीय स्टेट बैंक में जमा कराया गया है। बैंक में गिनती की जा रही है। मंगलवार दोपहर तक सर्च पूरा होने की उम्मीद है। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सोने व प्रोपर्टी में निवेश के मिले साक्ष्य

जूता कारोबारियों के यहां पर आभूषण व प्रोपर्टी में निवेश के साक्ष्य मिले हैं। कारोबारियों के यहां बड़ी मात्रा में सोने, हीरे के जेवर मिलने की जानकारी सामने आई है। विभाग द्वारा आभूषणों का मूल्यांकन कराने के साथ कारोबारियों के आयकर रिटर्न से मिलान कराया जा रहा है। महिलाओं व पुरुषों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक आभूषण रखे जाने के एंगल से भी जांच की जा रही है।

ऐसे चली 60 करोड़ की चर्चा

हरमिलाप ट्रेडर्स के प्रोपराइटर रामनाथ डंग के यहां 60 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की चर्चा छापे के दौरान ही चली थी। डंग के यहां बेड पर रखे 500 रुपये के नोटों की गड्डियों के फोटो के साथ 30 करोड़ रुपये बरामद होने की बात इंंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुई थी।

कारोबारी के आवास पर पहुंचे मीडियाकर्मियों से छापे के दौरान बाहर आए एक विभागीय अधिकारी ने गलत पोस्ट होने की बात कहते हुए 60 करोड़ रुपये नकद मिलने की जानकारी दी थी।

14 में से 10 ठिकानों पर कार्रवाई जारी

आयकर विभाग ने शनिवार को तीनों कारोबारियों के 14 ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की थी। इनमें पूर्ति निवास कमला नगर, ब्रज विहार कमला नगर, पूर्ति विला सूर्य नगर, एमजी रोड, रागिनी हाइट्स, शंकर ग्रीन्स, यूपीएसआइडीसी सिकंदरा, श्रीराम मंदिर मार्केट हींग की मंडी, प्रताप कालोनी धाकरान, आलोक नगर शाहगंज, विमल होटल के पास धाकरान चौराहा स्थित स्थित 1/10 और 1/11, न्यू गोविंद नगर शाहगंज, चारबाग शाहगंज स्थित ठिकाने शामिल थे। इनमें से चार स्थानों पर सोमवार दोपहर तक कार्रवाई पूरी हो गई थी। 10 स्थानों पर कार्रवाई जारी थी।


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.