Hathras Accident: माता-पिता ने पीहू को खाकी वर्दी में देखने का सपना संजोया था, हादसे ने छीनीं परिवार की खुशियां
Hathras Accident News हाथरस में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार लोगों की जान ले ली जिसमें तीन छात्राएं और एक युवक शामिल हैं। इस हादसे ने पीड़ित परिवारों को सदमे में डाल दिया है। मृतकों में से एक छात्रा पीहू के परिवार का सपना था कि वह खाकी वर्दी पहने। उसकी मौत से परिवार पूरी तरह से टूट गया है।
जागरण संवाददाता, आगरा। हाथरस में हुए हादसे में पीहू की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिवार में मातम छा गया। हादसे से मां-बाप के सपने भी बिखर गए। वे पीहू को खाकी वर्दी में देखना चाहते थे। बेटी की मौत की खबर सुन मां फफक पड़ी।
सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में हुए हादसे में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय इगलास की तीन छात्राओं सहित चार की मौत हो गई।
हादसे में पीहू के मरने की खबर जैसे ही उसके गुलाब नगर टेढी बगिया स्थित आवास पर पहुंची तो मां पुष्पा बेसुध हो गईं। चीख सुनकर आसपड़ोस के लोग घर पहुंचे और मां पुष्पा को संभाला। कुछ समय बाद पीहू की बड़ी बहन सिम्मी भी घर पहुंच गई जो हादसे के वक्त दूसरी बाइक पर सवार थी। हादसे के बाद से सिम्मी सहमी हुई थी।
वीकेश चला रहा था बाइक
सिम्मी ने बताया कि वह दूसरी बाइक पर छात्रा यासमीन के साथ सवार थी। बाइक वीकेश चला रहा था। पीहू के पिता नीरज शर्मा मुंबई में काम करते हैं। वहीं मां एक फैक्ट्री में पैकिंग का काम करती हैं। सिम्मी भी छोटी बहन पीहू के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय इगलास में पढ़ती है। परिवार पिछले दो साल से गुलाबनगर में किराए पर रह रहा है। पीहू की मौत से मां के अलावा बड़ी बहन तनु, सिम्मी और भाई कृष्णा का रो-रोकर बुरा हाल था।
बुझ गया घर का चिराग, हादसे ने छीनीं दो होनहार बेटियां
हाथरस में हुए हादसे में नगला किशनलाल टेड़ी बगिया निवासी शमसुद्दीन की दो बेटी व इकलौते बेटे की मौत हो गई। एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती 18 वर्षीय शहजाद ने शनिवार शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शमसुद्दीन मूलरूप से सादाबाद के तसींगा के रहने वाले हैं। पिछले कई वर्षों से वह आगरा में रहकर मारुति ईको गाड़ी चलाते हैं। नगला किशनलाल में उनका परिवार किराए के एक कमरे में रह रहा है।
बेटा दिल्ली में पॉवर बैंक बनाने वाली फैक्ट्री में करता था काम
बेटा शहजाद दिल्ली में पावर बैंक बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था। स्वजन ने बताया कि शहजाद हाल ही में घर आया था। रविवार की छुट्टी और बहन नरगिस और शहनाज के कहने पर उन्हें लेने विद्यालय गया था। हादसे में शहजाद के साथ ही नरगिस और शहनाज की मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है। स्वजन ने बताया कि शमसुद्दीन गाड़ी लेकर दिल्ली गए हुए थे।
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बेटियां पढ़कर सरकारी नौकरी करना चाहती थीं
हादसे की खबर मिलने पर वह देर रात आगरा पहुंचे। उनके चार बेटी और एक बेटा था। इकलौते बेटे और दो बेटियों की मौत से शमसुद्दीन के साथ उनकी पत्नी परवीन और बेटी मुस्कान व कागज का रो-रो कर बुरा हाल था। दोनों बेटियां पढ़कर सरकारी नौकरी करना चाहती थीं।
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