Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Fire In Patalkot Express: साढ़े तीन मिनट में रोकी ट्रेन, बचा लीं सैकड़ों जिंदगियां, गेटमैन यशपाल सिंह ने पूरा किया रेलवे का ये मूलमंत्र

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Thu, 26 Oct 2023 08:35 AM (IST)

    मथुरा से झांसी जा रही पातालकोट एक्सप्रेस बुधवार दोपहर आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची थी। यहां से वह झांसी के लिए रवाना हुई। कैंट से आठ किलोमीटर दूर भांडई रेलवे स्टेशन को पार करते ही ट्रेन की जनरल बोगी में तेज धमाका हुआ। इसके बाद धुंआ और आग की लपटें निकलने लगी। बोगी में धुंआ और आग से यात्रियों का दम घुटने लगा। उनमें भगड़द और चीख-पुकार मच गई।

    Hero Image
    पालातकोट एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में लगी आग का फाइल फोटो। तस्वीर सोर्स, जागरण

    जागरण संवाददाता, आगरा। कैंट रेलवे स्टेशन से बुधवार दोपहर को ग्वालियर जा रही ट्रेन के दो डिब्बों से धुएं का गुबार और लपटें उठ रही थी। यात्री डिब्बे से कूद रहे थे। भांडई रेलवे स्टेशन के पास गेटमैन यशपाल सिंह ने लपटें और धुआं देखा, तो उनका दिल कांप गया। सोचने लगे कि न जाने कितनी जिंदगियों को मौत ले जाएगी। परंतु उन्होंने बिजली जैसी तेजी दिखाकर भांडई के रटेशन मास्टर को फोन किया। ट्रेन को रोका गया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ट्रेन की धीमी गति ने भी आग को रोका

    ब्रेक लगते तब तक काफी यात्री जान बचाने के लिए कूद चुके थे। ट्रेन रुकने के कुछ पलों में धुएं और लपटों ने दोनों कोचों को अपने आगोश में लेकर राख कर दिया। दुर्घटना में दो दर्जन से ज्यादा यात्री या तो झुलसे हैं या कूदकर चोटिल हुए हैं। आग लगने के समय ट्रेन की गति सिर्फ 15 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिसकी वजह से आग तेजी से फैल नहीं सकी।

    ये भी पढ़ेंः Fire In Patalkot Express: कैसे लगी पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में आग, पर्दाफाश के लिए फोरेंसिक टीम ने लिए सबूत

    गेटमैन ने पूरा किया कर्तव्य

    सतर्क नजर रखें। रेलवे का यह मूल मंत्र गेटमैन यशपाल सिंह ने पूरा किया। उनकी सतर्कता से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। अगर समय पर गेटमैन इसकी सूचना नहीं देता तो, आग का रूप और विकराल होना तय था। उनकी सूचना के चलते ही सिर्फ साढ़े तीन मिनट में ट्रेन को रोक लिया गया। इससे यात्रियों की जान बच गई। दोनों ही डिब्बों में 250 यात्री से अधिक सफर कर रहे थे।

    ये भी पढ़ेंः Mathura News: फर्जी IPS बनकर ठगी करने वाला मुठभेड़ में गिरफ्तार, आइजी क्राइम लखनऊ बनकर पुलिस को करता था काल

    दस साल पहले ज्वाइन किया था रेलवे

    कैंट निवासी यशपाल सिंह ने 10 साल पूर्व रेलवे में ज्वाइन किया था। तीन साल पूर्व गेट नंबर 487 पर तैनात किया गया। यशपाल ने बुधवार शाम जैसे ही पातालकोट एक्सप्रेस के इंजन से चौथे नंबर के साधारण दर्जे के डिब्बे से धुआं उठता दिखा। उन्हें लगा, डिब्बे में बड़ी दुर्घटना हो गई।

    कुछ लोग हताहत हो चुके होंगे। उन्होंने तुरंत स्टेशन मास्टर को फोन किया। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल रूम को बताया। कंट्रोल रूम ने लोको पायलट और गार्ड सत्यभान को जानकारी दी। इसमें कुल साढ़े तीन मिनट का समय लगा और ट्रेन रोक दिया गया। इस दौरान दो साधारण दर्जे के डिब्बों में आग फैल चुकी थी।

    ये भी पढ़ेंः Patalkot Express Fire: आगरा के पास पातालकोट एक्सप्रेस के दो जनरल कोच में लगी भीषण आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

    यशपाल ने बताया कि जैसे ही ट्रेन रुकी। वह गेट से हटकर यात्रियों के पास आ गए। फिर उन्हें लगा गेट को खाली नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे में वह फिर से गेट पर दौड़े। ग्वालियर के बृजेश कुमार ने बताया कि दोनों डिब्बों में शौचालय तक में यात्री बैठे थे। झांसी के बिंदु बघेल ने बताया कि इंजन से चौथे डिब्बे में आग तीसरे नंबर के डिब्बे में पहुंची तो, धुआं भर गया। दम घुटने पर वह ट्रेन से कूदने वाले थे। इस बीच वह रुक गई।