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    Fake Medicines: आगरा से 11 राज्याें को नकली दवाओं की सप्लाई, दवा खरीदते समय बरतें ये सावधानी

    By Ajay DubeyEdited By: Prateek Gupta
    Updated: Fri, 25 Nov 2022 08:41 AM (IST)

    Fake Medicines दवा खरीद रहे हैं तो बिल जरूर लें नकली होने की आशंका हो जाएगी कम। नकली दवा के अवैध धंधे का आगरा से संचालित हो रहा गिरोह। हिमाचल प्रदेश के बद्दी से पकड़ा गया नकली दवाओं का सप्लायर मोहित बंसल। पूछताछ में खुले राज।

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    Fake Medicines: नामचीन कंपनियाें के नाम की नकली दवाएं आगरा से बेची जा रही हैं।

    आगरा, जागरण संवाददाता। दवा खरीद रहे हैं तो बिल जरूर लें। इससे संभावना है कि दवा नकली न हो, आगरा से 11 राज्यों में दवाओं की बिक्री की जा रही है। गिरोह नकली दवाओं को बाजार में खपा रहा है। हिमाचल प्रदेश के बददी में पकड़े गए मोहित बंसल निवासी रामकुंज कालोनी कमला नगर अपनी फर्म एमएच फार्मा फव्वारा से 11 राज्यों में नकली दवाओं की सप्लाई कर रहा था।

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    बददी में फैक्ट्री और गोदाम बना रखा था। वहां से कार से दवाएं आगरा लेकर आता था, एमएच फार्मा के नाम से बिल बनाकर ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवा सप्लाई करता था। मगर, स्थानीय औषधि विभाग को भनक तक नहीं लगी। मोहित बंसल के साथ ही फव्वारा दवा बाजार के दवा कारोबारी और हाकर भी शामिल हैं। इस मामले में औषधि विभाग की टीम अपने स्तर से कोई जांच नहीं कर रही है।

    सवा करोड़ से ज्यादा की दवाएं मिली

    बद्दी में मोहित बंसल के गोदाम से भारी मात्रा दवाएं जब्त की गईं, इनकी गिनती करने को आधा दर्जन से ज्यादा औषधि निरीक्षक जुटे रहे। प्रदेश दवा नियंत्रक नवनीत मरवाहा ने बताया कि करीब सवा करोड़ की दवाईयां बरामद हुई है, फैक्ट्री को सील कर दिया है जहां दवाएं बनाई जा रहीं थी। रिमांड पर मोहित बसंल ने औषधि विभाग व पुलिस को बताया कि बद्दी में बंद पड़ी फैक्ट्री को किसी से खरीदा था और जिला उद्योग केंद्र से अपने नाम करवा लिया था। दवा निर्माण की मशीनों की खरीद फरोख्त का काम शुरू किया।

    खुद बनवाता था दवाएं

    पांच महीने पहले मोटी कमाई करने के लिए उसने सिपला, यूएसवी व अन्य कपंनियों की दवाएं बनाना शुरू किया। कच्चा माल और पैकिंग उत्तराखंड से खरीदता था। सहायक औषधि आयुक्त एके जैन का कहना है कि दवा खरीदते समय बिल जरूर लें, इस पर बैच नंबर सहित अन्य ब्योरा दर्ज होता है। इससे नकली होने की संभावन नहीं रहती है, दवा में कोई कमी निकलती है तो बिल के आधार पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।