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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आगरा में नकली दवाओं का बड़ा खुलासा, हिमाचल और हरियाणा से फेक मेडिसिन लाने वाला एसटीएफ ने दबोचा

Published: Wed, 13 Nov 2024 01:07 PM (IST)Updated: Wed, 13 Nov 2024 01:14 PM (IST)

Agra Fake Drug Racket Update News एसटीएफ ने हिमाचल और हरियाणा से आने वाली नकली दवाओं के साथ एक व्यक्ति ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो का उपयोग किया गया है।
प्रतीकात्मक फोटो का उपयोग किया गया है।

HighLights

  1. मस्ता की बगीची स्थित होलसेल की दुकान से पांच अक्टूबर को एफएसडीए ने लिया था नमूना
  2. नमूना फेल होने पर विक्रेता ने बताया था कासगंज के अनुराग कौशल का नाम
  3. कासगंज में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र चलाता था आरोपित

जागरण संवाददाता, आगरा। आगरा में हिमाचल और हरियाणा से नकली दवाएं आ रही हैं। एसटीएफ ने मंगलवार रात संजय प्लेस से नकली दवाओं के साथ कासगंज के अनुराग कौशल को गिरफ्तार किया। आरोपित से नकली दवाओं से भरा कार्टन बरामद किया हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने पांच अक्टूबर 2024 को दवाओं के थोक विक्रेता राेहित बलेचा के मस्ता की बगीची से गणेशाय इंटरप्राइजेज से नमूने लिए थे, जाे जांच में फेल हो गए थे। राेहित बलेचा ने पूछताछ में कासगंज के अनुराग कौशल का नाम बताया था।एसटीएफ की पूछताछ में अनुराग कौशल ने बताया कि वह यह दवाएं शिमला हिमाचल के दीपक अमौली, करनाल हरियाणा के रोहित सचदेवा से लेकर आता था। आरोपित से पूछताछ में सोनीपत हरियाणा के संदीप और अलीगढ़ के पीयूष फपाला का नाम सामने आया है।

जनऔषधि केंद्र चला था आरोपित

एसटीएफ की पूछताछ में आरोपित अनुराग कौशल ने बताया कि वह मैन मार्केट अलीगंज, एटा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र चला रहा। वर्ष 2018 में उसका लाइसेंस लिया था। वर्ष 2023 में उसका लाइसेंस निरस्त हो गया था। वह जन औषधि केंद्र की आड़ में तीन वर्ष से नकली दवाओं को मंगा कर उन्हें आगरा और अलीगढ़ में खपा रहा था।

दवाओं को रोडवेज बस से मंगाता था आरोपित

आरोपित ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से माल खुद लेकर नहीं आता नहीं था। वहां से दवाओं को रोडवेज बसों द्वारा कासगंज मंगाता था। बदले में चालक-परिचालक को दो हजार रुपये तक देता था। इससे माल मंगाने और भेजने में आसानी रहती थी।

एसटीएफ के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह ने बताया आरोपित रोहित बलेचा के होलसेल से अपना माल वापस लेकर जा रहा था। आरोपित से 1050 पत्ते ग्रो-250 (एमोक्सीलिन कैप्सूल आइपी 250 एमजी) के बरामद किए हैं। बरामद दवा का बैच नंबर वही है, जिसका पांच अक्टूबर को मस्ता की बगीची स्थित होलसेल की दुकान से लिया गया नमूना फेल हाे गया था। आरोपित के विरुद्ध हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

एक दिन पहले भी पकड़े गए थे इंजेक्शन

आगरा से बिना लाइसेंस के एविल और प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन की खेप हरियाणा भेजी जा रही थी। वहां पर दोनों इंजेक्शन को मिलाकर नशे में प्रयोग किया जा रहा था। जिसके तार आगरा और फिराेजाबाद से जुड़े थे। हरियाणा स्टेट एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने आठ नवंबर को जिला झज्जर के बहादुरगढ़ से साहिल राठी और सुमित को बड़ी संख्या में एविल और प्रतिबंधित डुपरेनारफिन इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूछताछ में बताया कि वह नशे के इंजेक्शन फिरोजाबाद के दिनेश से लेते थे। टीम ने दस नवंबर को दिनेश को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।

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गौरव गुप्ता से खरीदता था माल

हरियाणा एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की पूछताछ में दिनेश ने बताया था कि वह नगला रामबल, ट्रांस यमुना के गौरव गुप्ता से माल खरीदता था। जिसे हरियाणा में साहिल राठी ओर सुमित उर्फ चिंटू को देता था। हरियाणा एंटी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 10 नवंबर को नगला रामबल में छापा मारकर नशे के इंजेक्शन का कारोबार करने वाले आरोपित गौरव गुप्ता को गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लेकर आगरा आयी थी।