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    'मैं अपने गोपाल की मीरा, दे रही हूं जान', सुसाइड नोट में ये बातें ल‍िखकर मह‍िला ने दी जान, खुली आंखें देख पुलिस के उड़े होश

    By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
    Updated: Tue, 24 Oct 2023 11:46 PM (IST)

    किरावली के गांव मोरी के रहने वाले हरेंद्र स्कूल बस चलाते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब नौ बजे बाजार से सब्जी लेकर घर लौटे थे। आठ वर्षीय बड़े बेटे ध्रुव को सब्जी दी। कहा जा बेटा मां को दे दे। वह अंदर गया तो कमरे में मां मीरा देवी का खून से लथपथ शव जमीन पर पड़ा था। आंखें खुली हुई थीं। यह देख उसकी चीख निकल गई।

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    किरावली के गांव मोरी की मृतका मीरा देवी का फ़ाइल फोटो।

    संवाद सूत्र, किरावली (आगरा)। मोरी गांव के एक मकान का कमरा। कमरे में महिला का गला कटा शव। पास ही खून से सना चाकू और एक सुसाइड नोट। इसे पढ़कर पुलिस के होश उड़ गए। हत्या या आत्महत्या का ऐसा मसला शायद ही कभी उसके सामने आया हो। सुसाइड नोट में लिखा था, ''मैं मीरा, अपने गोविंद के लिए जान दे रही हूं। गोपाल कृष्ण ही मेरे आराध्य हैं। अब इस नश्वर शरीर से कोई मोह नहीं।'' पुलिस ने मामला हत्या में दर्ज किया है। हालांकि, सुसाइड नोट सामने आने के बाद पुलिस हत्या और आत्महत्या की गुत्थी में उलझ गई है। पुलिस हैंड राइटिंग मिलान के बाद ही हत्या और आत्महत्या का निर्णय करेगी।

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    खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था शव, खुली हुई थीं आंखें

    किरावली के गांव मोरी के रहने वाले हरेंद्र स्कूल बस चलाते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब नौ बजे बाजार से सब्जी लेकर घर लौटे थे। आठ वर्षीय बड़े बेटे ध्रुव को सब्जी दी। कहा, जा बेटा, मां को दे दे। वह अंदर गया तो कमरे में मां मीरा देवी का खून से लथपथ शव जमीन पर पड़ा था। आंखें खुली हुई थीं। यह देख उसकी चीख निकल गई। स्वजन समेत आसपास के लोग पहुंच गए। सूचना पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम सोनम कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त सैयद अरीब अहमद पहुंच गए। विधि विज्ञान विशेषज्ञ और श्वान दस्ता को भी बुला लिया गया। पुलिस ने मौके से चाकू और सुसाइड नोट बरामद किया। हादसे के बाद से दोनों बेटे आठ वर्षीय ध्रुव और पांच वर्षीय हर्ष दहशत में हैं।

    पुलिस ने उन्हें चुप कराया और ध्रुव से जानकारी ली। पुलिस उपायुक्त सोनम कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट को हेंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा। हैंड राइटिंग मिलान के बाद ही विवेचना में इसको शामिल किया जाएगा। अभी पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है।

    ससुरालीजन कर रहे थे परेशान

    मथुरा के गांव नगला धाम के रहने वाले वाले हरिपाल सिंह ने बताया कि बहन मीरा का विवाह 11 वर्ष पूर्व हरेंद्र से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही बहन का ससुराल में उत्पीड़न हो रहा था। आए दिन मारपीट की जाती थी। कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनकी तहरीर पर बहन के पति हरेंद्र, जेठ ओमकार, पप्पू, जेठानी ललितेश, नेमवती, ससुर दीवान सिंह और सास के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

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    ये है सुसाइड नोट

    मेरी आखिरी इच्छा है कि ससुराल वालों को कोई दोष न दे। अंगुली न उठाए क्योंकि मेरे इस शरीर को त्यागने में इनकी कोई गलती नहीं है। इनकी वजह से ही मैं अपने गोपाल से मिल पाई हूं। मैं अपनी सांसें अपने गोविंद के चरणों में समर्पित करना चाहती हूं क्योंकि अब मुझे सांसारिक सुख सब फीका लग रहा है। मेरे मन को तो ले गया वो अब जीऊं कैसे।- मीरा

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