यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Agra News: सही काम के लिए बाबू ने मांगी रिश्वत तो चढ़ गया 'आम नागरिक' का पारा, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद हुआ ये हाल
Agra News In Hindi आगरा नगर निगम का लिपिक पांच हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया गया है। आवास ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, आगरा। नगर निगम के लिपिक को सोमवार पांच हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। लिपिक अमित शर्मा मकान नामांतरण को आनलाइन जमा शुल्क की रसीद में संशोधन के लिए पांच हजार रुपये मांग रहा था।
आवास विकास कालोनी सेक्टर नौ स्थित जोनल कार्यालय में हुई कार्रवाई से वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। कर्मचारी अपनी सीटें छोड़ कार्यालय से खिसक लिए। घूसखोर लिपिक के खिलाफ हरीपर्वत थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
घूस मांगने की शिकायत
आवास विकास कालोनी सेक्टर सात के रहने वाले सजल बंसल ने एंटी करप्शन विभाग से लिपिक अमित शर्मा के घूस मांगने की शिकायत की 22 फरवरी को की थी। सजल बंसल ने बताया विभाग को बताया, उन्होंने अक्टूबर 2023 में आवास विकास कालोनी में आराधना सिंह से मकान खरीदा था। जिसका नामांतरण अपनी पत्नी के नाम कराना था। उन्होंने आनलाइन 10 हजार रुपये फीस जमा कराई थी। रसीद पुराने मकान मालिक के नाम कटने पर उसमें संशोधन कराना था।
सही काम कराने में भी घूसघाेरी
सजल बंसल ने नगर निगम के जोनल कार्यालय में लिपिक अमित शर्मा से संपर्क किया। लिपिक ने उनसे पांच हजार रुपये घूस मांगी। सही काम कराने के भी घूस मांगने पर सजल ने आरोपित को सजा दिलाने का निर्णय किया। एंटी करप्शन इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया पीड़ित के शिकायत करने पर गोपनीय जांच कराई गई। इसमें घूस मांगने की पुष्टि होने पर आरोपित को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार दोपहर बाद आरोपित को कार्यालय से दबोच लिया।
इंस्पेक्टर एंटी करप्शन संजय कुमार ने बताया अशोक नगर लोहामंडी के रहने वाले लिपिक अमित शर्मा के विरुद्ध हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे मंगलवार को एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ में पेश किया जाएगा।
नगर निगम में 38 दिन में दूसरी कार्रवाई
नगर निगम में भ्रष्टाचार के मामले में 38 दिन में यह दूसरी कार्रवाई है। नौ जनवरी को विजिलेंस ने नगर निगम में एक लाख रुपये घूस लेते राजस्व निरीक्षक शिप्रा गुप्ता और उसके दलाल सुभाष सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
