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    नीले ड्रम में जलाया था युवक, आगरा के फोरेंसिक विज्ञानियों ने DNA का लिया सहारा; ऐसे सुलझी मर्डर केस की गहरी गुत्थी

    By Ali Abbas Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 06:40 PM (IST)

    प्रेम संबंध के शक में एक युवक की तार से गला घोंटकर हत्या कर दी गई और शव को नीले ड्रम में जला दिया गया। शुरुआत में शव की गलत पहचान हुई थी। आगरा के फोरे ...और पढ़ें

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    सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

    अली अब्बास, जागरण। परिवार की युवती से प्रेम संबंध होने के शक में युवक काे बहाने से बुलाने के बाद तार से गला घोटकर हत्या कर दी गई। शव को नीले ड्रम में रखकर ले गए आरोपितों ने सैंया के कटी पुल से लादूखेड़ा लिंक मार्ग पर एक खेत में पेट्रोल डालकर ड्रम समेत जला दिया। अज्ञात शव की पहचान भरतपुर निवासी बर्तन व्यापारी के रूप में करके ले गए स्वजन ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

    मगर, मलपुरा से गायब युवक की तलाश में जुटी पुलिस ने भरतपुर पुलिस से उसका डीएनए नमूना हासिल करने के बाद फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेजा। फोरेंसिक विज्ञानियों ने डीएनए की जांच कराई तो पता चला कि पूरी तरह जल चुका बरामद शव भरतपुर के बर्तन व्यापारी का नहीं, मलपुरा से गायब युवक का था।

    पुलिस ने डीएनए जांच रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार करके जेल भेजा। फोरेंसिक लैब के विज्ञानी उक्त चर्चित मामले समेत तीन वर्ष के दौरान डीएनए से 433 मामलों की गुत्थियां सुलझा चुके हैं। तीन वर्ष के दौरान फोरेंसिक लैब में डीएनए और पाक्सो से संबंधित एक हजार से अधिक मामले जांच के लिए पहुंचे।

    दैनिक जागरण के संवाददाता को सूचना के अधिकार के तहत फोरेंसिक लैब से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 से 30 अक्टूबर 2025 के दौरान डीएनए व पाक्सो के तहत एक हजार से अधिक नमूने वहां जांच के लिए आए। जिसमें 433 मामलों की विज्ञानियों ने गुत्थी सुलझाई।जिनमें सैंया का मामला सबसे चर्चित था।

    सैंया के कटी पुल से लादूखेड़ा लिंक मार्ग पर 20 फरवरी 2024 को नीले ड्रम में जलाया शव मिला। सिर्फ कंकाल मिलने के चलते मरने वाले की पहचान संभव नहीं थी। पुलिस के पास 22 फरवरी को भरतपुर के थाना सेवर के गांव धनौटा निवासी बर्तन व्यापारी रूपचंद पुत्र मनीराम शर्मा के स्वजन पहुंचे।

    उन्होंने बताया कि फरवरी के दूसरे सप्ताह में भरतपुर के कुम्हेर थाना क्षेत्र में रूपचंद की मारूति वैन में आग लगी थी। जिसमें गाड़ी उसमें रखा सामान जल गया था। मगर, रूपचंद का शव नहीं मिला था।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सिपुर्द कर दिया। नियमानुसार डीएनए मिलान के लिए नमूना रख लिया था। जिसे भरतपुर पुलिस को दे दिया।

    इधर, मलपुरा के गांव कबूलपुर निवासी 19 वर्ष का राकेश पुत्र लालचंद 18 फरवरी 2024 की शाम से गायब था। उसकी बाइक खारी नदी पुल के पास लावारिस हालत में मिली थी। राकेश शादी समारोह में ड्रोन कैमरा उ़ड़ाने का काम करता था।पार्टी की बुकिंग में जाने की कहकर घर से गया था।

    पुलिस ने सैंया क्षेत्र में 20 फरवरी काे मिले शव को स्वजन को दिखाया, लेकिन सिर्फ कंकाल बचा होने के चलते उसकी पहचान करने से मना कर दिया। इधर, पुलिस और स्वजन राकेश की तलाश में जुटे थे। लालचंद ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही देवीराम समेत छह लोगों के विरुद्ध 11 जून 2024 को हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसकी विवेचना इजहार अहमद को मिली।

    उन्होंने राकेश के मोबाइल की सीडीआर निकाली तो उस पर देवीराम ने कई बार बातचीत की थी। उससे पूछताछ की लेकिन वह कुछ बताने को तैयार नहीं था। जबकि उसके मोबाइल की लोकेशन भी खारी नदी के पास आ रही थी। विवेचक को राकेश पर लैपटाप होने का पता स्वजन से चला।लैपटाप को चेक किया तो उसमें देवीराम की चैटिंग मिली, जिसमें वह रिश्तेदार युवती से उसकी शादी कराने की बात कर रहा था।

    जिसके बाद विवेचक ने 18 फरवरी के बाद आगरा और भरतपुर में मिले अज्ञात शवों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया। सैंया क्षेत्र में मिले शव का पता चला, लेकिन उसकी पहचान रूपचंद के रूप में हो चुकी थी। विवेचक ने कुम्हेर पुलिस से संपर्क किया।पता चला कि कुम्हेर पुलिस ने डीएनए का मिलान नहीं कराया था। जिस पर विवेचक ने डीएनए के लिए भेजा गया नमूना 24 अगस्त 2024 को कुम्हेर पुलिस से वापस मंगाया।

    राकेश के पिता लालचंद और मां का नमूना लेकर फोरेंसिक लैब भेजा। सितंबर 2024 में फोरेंसिक विज्ञानियों ने जांच की तो नीले ड्रम में जलाया गया शव राकेश का निकला। लालचंद उनकी पत्नी के नमूने से डीएनए का मिलान हो गया था।

    पुख्ता साक्ष्य के बाद पुलिस ने आरोपित देवीलाल से पूछताछ की तो उसने भतीजे नित्य किशोर के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल कर ली। कहा कि युवती की शादी की बात करने के बहाने राकेश को घर पर बुलाने के बाद तार से गला घोटकर हत्या कर दी थी।