Zoho के मैसेजिंग ऐप Arattai में आने वाला है जबरदस्त सिक्योरिटी अपग्रेड, होगा बड़ा बदलाव
Zoho के मैसेजिंग ऐप Arattai में अब जबरदस्त सिक्योरिटी अपग्रेड आने वाला है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि सिस्टम-वाइड एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जल्द ही सभी यूजर्स के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। ये अपडेट ऐप के सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जा रहा है और अभी आखिरी इंटरनल टेस्टिंग चल रही है। नया फीचर लागू होते ही सभी यूजर्स को फोर्स्ड अपडेट मिलेगा।

Arattai में अब जबरदस्त सिक्योरिटी अपग्रेड आने वाला है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Zoho के CEO श्रीधर वेम्बू ने घोषणा की है कि कंपनी का होमग्रोन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Arattai अब सिस्टम-वाइड अनिवार्य एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) के आखिरी रोलआउट चरण में पहुंच चुका है। ये अपडेट-ऐप के सबसे महत्वपूर्ण आर्किटेक्चरल बदलावों में से एक- मौजूदा वक्त में आखिरी इंटरनल टेस्टिंग से गुजर रहा है और आने वाले दिनों में डिप्लॉय होने की उम्मीद है।
X पर शेयर किए गए एक डिटेल्ड अपडेट में वेम्बू ने बताया कि टीम ने 'ऑप्शन 2' चुना है, जिसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सभी कन्वर्सेशन्स पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। रोलआउट की शुरुआत वन-ऑन-वन चैट्स से होगी और बाद में ग्रुप चैट्स पर भी लागू किया जाएगा। बदलाव की गंभीरता बताते हुए वेम्बू ने कहा, 'हमें इसके लिए कुछ री-डिजाइन करना पड़ा और हम एक्टेंसिव टेस्टिंग चाहते थे क्योंकि यह एक बड़ा बदलाव है।'
उनके मुताबिक, डेटा को एन्क्रिप्ट करने का मूल तरीका ठीक से काम कर रहा था, लेकिन माइग्रेशन वर्कफ्लो और फाइल ट्रान्सफ़र प्रक्रिया में चुनौतियां तब सामने आईं जब एन्क्रिप्शन अनिवार्य किया गया। ये समस्याएं लगभग 6,000 Zoho कर्मचारियों द्वारा की गई टेस्टिंग के दौरान सामने आईं। एक फॉलो-अप पोस्ट में वेम्बू ने बताया, 'जो मुद्दे सामने आए वे अनिवार्य स्विच-ओवर प्रोसेस में थे और बड़ी फाइलों के ट्रान्सफर में दिक्कतें थीं। अब स्विच-ओवर प्रक्रिया को सुधारा गया है।'

इन समस्याओं को हल करने वाला एक नया बिल्ड अब इंटरनल रूप से टेस्ट किया जा रहा है। अगर ये फेज स्मूदली रन करता है, तो अपडेट सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा, लेकिन सभी पर फोर्स्ड अपग्रेड के साथ। वेम्बू ने कहा, 'ये सभी के लिए फोर्स्ड अपग्रेड होगा क्योंकि ये एक बड़ा बदलाव है।'
जो यूजर्स आज ऐप को अपडेट करेंगे, वे इंटरफेस को पहले से फास्ट और स्मूद महसूस कर सकते हैं, लेकिन अनिवार्य एन्क्रिप्शन फीचर तब तक एक्टिव नहीं होगा जब तक Zoho इसे बैकएंड से इनेबल नहीं करेगा। वेम्बू ने कहा, 'हालांकि इसमें पहले से अनिवार्य E2E एन्क्रिप्शन का कोड मौजूद है, लेकिन ये तब तक काम नहीं करेगा जब तक हम इसे इनेबल नहीं करते, और हम ये एक और टेस्टिंग राउंड के बाद करेंगे।'
उनकी घोषणा के बाद यूजर्स के बीच चर्चा शुरू हो गई। कुछ ने पूछा कि क्या ये बदलाव सिर्फ प्राइवेसी कारणों से किया जा रहा है या फिर रेगुलेटरी एक्सपेक्टेशन का भी प्रभाव है। कुछ यूजर्स ने ये भी सवाल उठाया कि पुराने चैट्स का क्या होगा। कुछ प्रतिक्रियाओं ने Arattai की मार्केटिंग को और मजबूत करने की जरूरत को भी मेंशन किया। एक यूजर ने कहा कि सिर्फ अच्छा प्रोडक्ट होना 'तब तक पर्याप्त नहीं है जब तक लोग उसके बारे में जानें नहीं।'
कई यूजर्स ने इस सावधानीपूर्ण अप्रोच की तारीफ की। एक कम्युनिटी मेंबर ने लिखा, 'जल्दबाजी में एन्क्रिप्शन रोलआउट करने से फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है।'
वेम्बू ने अपडेट को समाप्त करते हुए यूजर्स का धन्यवाद किया और कहा कि Arattai अपने अब तक के सबसे बड़े सिक्योरिटी अपग्रेड की तैयारी कर रहा है।

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