यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sim Card: कोने से क्यों कटा होता है सिम कार्ड, बेहद दिलचस्प है इसके पीछे की स्टोरी
फोन में SIM card को आसानी से इन्सर्ट किया जा सके इसलिए इन्हें कंपनियां कोने से काट देती हैं। इससे ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। बिना सिम कार्ड के महंगे से महंगा स्मार्टफोन भी किसी काम का नहीं है। भले ही आप कितना ही फ्लैगशिप फोन खरीद लें लेकिन जब तक उसमें सिम नहीं डाला जाएगा तब तक बात बनेगी नहीं।
Sim Card का अस्तित्व तभी से है जब से स्मार्टफोन चलन में आए। ऐसे में SIM Cards से जुड़े कुछ ऐसे फैक्ट्स हैं, जिनके बारे में अधिकतर लोगों को नहीं पता होता है। जैसे सिम कार्ड कोने से क्यों कटा होता है इसके बारे में लोगों नहीं पता होता है। यहां इसी के बारे में बताने वाले हैं।
कोने से क्यों कटा होता है सिम कार्ड?
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सिम कार्ड के कोने से कटे होने के पीछे का कारण बेहद खास होता है। फोन में सिम कार्ड को आसानी से इन्सर्ट किया जा सके इसलिए इन्हें कंपनियां कोने से काट देती हैं। इससे सिम कार्ड के उल्टे और सीधे होने का भी पता चलता है।
टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर सिम कार्ड कटा नहीं होगा तो वह फोन में अच्छे से इन्सर्ट नहीं हो सकेगा। सिम कार्ड की चौड़ाई 25mm, लंबाई 15mm और मोटाई 0.76mm होती है।
सिम फुल फॉर्म: SIM का फुल फॉर्म सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल होता है।
सिम कार्ड एक प्रकार का स्मार्ट कार्ड होता है, इसका आधार सिलिकॉन इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) चिप है। 1960 के दशक में प्लास्टिक कार्ड पर सिलिकॉन IC चिप को शामिल करने का विचार आया था। तब से स्मार्ट कार्ड में MOS इंटीग्रेटेड सर्किट चिप्स के साथ-साथ फ्लैश मेमोरी और ईईपीरोम (इलेक्ट्रिकली ईपीरोम ) जैसी एमओएस मेमोरी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है।
भारतीय टेलिकॉम कंपनियां
भारत में एयरटेल और रिलायंस जियो प्रमुख टेलिकॉम कंपनियां हैं। इनके द्वारा ग्राहकों को 5G सर्विस दी जाती है। इसके अलावा वोडाफोन आईडिया भी ग्राहकों के लिए सर्विस प्रदान करती है।
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