नई दिल्ली, टेक डेस्क। IUC को लेकिन पिछले दिनों टेलिकॉम सेक्टर में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। IUC यानि इंटरकनेक्ट उपयोग शुल्क की लागत को कम करने का हवाला देते हुए टेलिकॉम कंपनियों ने मोबाइल की घंटी बजने की समयसीमा को घटाकर 25 सेकेंड कर दिया था, जो कि पहले आमतौर पर 40 से 45 सेकेंड होती थी। वहीं Reliance Jio ने अपना रिंग टाइम घटाकर 20 सेकेंड करने की बात कही थी, जिसके बाद टेलिकॉम कंपनियों के बीच काफी विवाद भी देखा गया। वहीं अब ट्राई ने सभी टेलिकॉम ऑपरेटर्स को झटका देते हुए फोन की घंटी के लिए समयसीमा को तय कर दिया है। ट्राई के आदेश के बाद अब मोबाइल फोन की घंटी 30 सेकेंड तक बजेगी।

ट्राई का रिंग टाइम इनकमिंग और आउटगोइंग दोनों कॉल्स के लिए लागू है। ट्राई के मुताबिक कॉल का जवाब मिले या ना मिले, लेकिन फोन की घंटी की समयसीमा केवल 30 सेकेंड होगी। इसके अलावा ट्राई ने लैंडलाइन के लिए 60 सेकेंड का समय तय कर दिया है यानि लैंडलाइन पर केवल 60 सेकेंड तक ही घंटी बजेगी। बता दें कि इससे पहले भारत में लैंडलाइन पर घंटी बजने के लिए कोई न्यूनतम समयसीमा तय नहीं थी। ट्राई ने ऑपरेटर्स को निर्देश देते हुए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कॉल रिलीज मेसेज न मिलने पर 90 सेेकेंड के बाद अनआंसर्ड कॉल रिलीज करना अनिवार्य होगा। 

अभी तक टेलिकॉम कंपनियां कॉल जोड़ने के शुल्क से होने वाली इनकम का लाभ उठाने के लिए खुद ही फोन पर बजने वाली घंटी का समय कम कर रही थीं, ताकि अन्य नेटवर्क वाले उपभोक्ता उसके नेटवर्क पर कॉल बैक करने को बाध्य हों। एयरटेल ने रिंग टाइम को घटाकर 30 सेकेंड कर दिया था, वहीं रिलायंस जियो ने आईयूसी चार्जेस से बचने के लिए रिंग टाइम की समययीमा को घटाकर 30 सेकेंड कर दिया था, जिसके बाद टेलिकॉम सेक्टर में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था। 

Edited By: Harshit Harsh