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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कितने देर बजेगी फोन की घंटी? इस बात को लेकर Jio और Airtel में मतभेद

By Harshit HarshEdited By:
Published: Fri, 18 Oct 2019 08:10 PM (IST)Updated: Fri, 18 Oct 2019 08:12 PM (IST)

Airtel ने प्राधिकरण के सामने इस बात की दलील दी है कि फोन रिंगिंग करने का समय कम से कम ...और पढ़ें

कितने देर बजेगी फोन की घंटी? इस बात को लेकर Jio और Airtel में मतभेद
कितने देर बजेगी फोन की घंटी? इस बात को लेकर Jio और Airtel में मतभेद

नई दिल्ली, टेक डेस्क। लीडिंग टेलिकॉम ऑपरेटर्स Reliance Jio और Airtel के बीच एक बार फिर से घमासान देखने को मिला है। ये घमासान आउटगोइंग कॉल रिंग होने के समय को लेकर देखने को मिला है। हाल ही में Reliance Jio ने टेलिकॉम रेग्युलेटरी ऑथिरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि आउटगोइंग कॉल रिंगिंग का समय घटाकर 45 सेकेंड से 25 सेकेंड करना चाहिए। इन दोनों टेलिकॉम कंपनियों के बीच ये मतभेद उस समय देखने को मिला है, जब प्राधिकरण पिछले दो सप्ताह से कॉल ड्यूरेशन को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Airtel आउटगोइंग कॉल के दौरान फोन के रिंग बजने के समय को 45 सेकंड ही रखना चाह रहा है। वहीं, Jio इस समय को घटाकर 25 सेकेंड रखना चाह रहा है। तीसरी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी 30 सेकेंड रखना चाहती है। Airtel ने प्राधिकरण के सामने इस बात की दलील दी है कि फोन रिंगिंग करने का समय कम से कम 45 सेकेंड होना चाहिए। नेटवर्क के पास प्रयाप्त समय होना चाहिए, ताकि फोन कॉल्स को पिक किया जा सके।

दूसरी तरफ Jio की दलील ये है कि आउटगोइंग कॉल के दौरान फोन रिंगिंग के समय को 25 सेकेंड करने पर स्पेक्ट्रम के रिसोर्स को सेव किया जा सकता है। Jio के मुताबिक, उसके नेटवर्क पर आने वाले 94 फीसद से ज्यादा कॉल्स 25 सेकेंड से पहले रिसीव कर लिए जाते हैं। पिछले महीने प्राधिकरण में दायर किए गए फ्लोटिंग कंस्टलसेशन पेपर के बाद कल प्राधिकरण ने स्टेक होल्डर्स के साथ ओपन हाउस डिस्कशन किया।

पिछले महीने Airtel ने प्राधिकरण को पत्र लिखकर कहा कि Jio नेटवर्क पर किए जाने वाले आउटगोइंग कॉल्स 45 सेकेंड के बजाय 25 सेकेंड में ही कट रहे हैं। ऐसे में वह भी Jio नेटवर्क से किए जाने वाले कॉल्स को 25 सेकेंड में काट सकता है। Airtel ने प्राधिकरण के सामने ये भी दलील दी कि, फोन रिंगिंग के समय के टाइमर को नेटवर्क प्रिफरेंस के आधार पर तय करना चाहिए।

Airtel ने ये भी कहा कि किसी भी नेटवर्क पर किए जाने वाले कॉल का समय एक जैसा होना चाहिए। इसे 45 सेकेंड ही रखा जाना चाहिए, ताकि यूजर्स के पास फोन पिक करने का पर्याप्त समय हो। अगर, अलग-अलग नेटवर्क पर फोन रिंगिंग का समय अलग-अलग होगा तो एक नेटवर्क के यूजर को फोन आन्सर करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, जबकि दूसरे नेटवर्क के यूजर को फोन पिक करने में कम समय मिलेगा।