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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचा भारत, एक्सपोर्ट में भी मारी बाजी

By AgencyEdited By: Rammohan Mishra
Published: Tue, 03 Oct 2023 09:09 PM (IST)

काउंटर प्वाइंट रिसर्च की रिपोर्ट के लेखक इवान लैम ने कहा कि चीन की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन ...और पढ़ें

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में भारत ने दूसरा स्थान हासिल किया है।
मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में भारत ने दूसरा स्थान हासिल किया है।

पीटीआई, नई दिल्ली। निजी कंपनियों द्वारा किए गए भारी-भरकम निवेश के चलते मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। काउंटर प्वाइंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार में चालू वित्त वर्ष में भारत में असेंबल किए गए कुल मोबाइल फोन में से लगभग 22 प्रतिशत का निर्यात होने की उम्मीद है।

भारत ने 5.5 अरब डालर के फोन किए एक्सपोर्ट

काउंटर प्वाइंट रिसर्च की रिपोर्ट के लेखक इवान लैम ने कहा कि चीन की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन लंबी अवधि तक अपरिहार्य बनी रहेगी। सरकार द्वारा मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने के चलते चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त के दौरान भारत ने 5.5 अरब डालर (45,000 करोड़ रुपये से अधिक) के मोबाइल फोन निर्यात किए हैं।

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एपल की रहेगी सबसे अधिक हिस्सेदारी

वाणिज्य विभाग और इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रानिक्स एसोसिएशन (आइसीईए) के अनुमान के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष यानी 2022-23 की अप्रैल से अगस्त की अवधि में तीन अरब डालर (लगभग 25,000 करोड़ रुपये) के मोबाइल फोन निर्यात हुए थे। चालू वित्त वर्ष में मोबाइल फोन का निर्यात 1.20 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा। चालू वित्त वर्ष में निर्यात किए गए मोबाइल फोन में से आधे से अधिक हिस्सेदारी एपल की है।

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मेक इन इंडिया मुहिम ने दिखाई नई दिशा

मेक इन इंडिया पहल ने भी भारत में हो रहे स्मार्टफोन के निर्माण को बढ़ावा दिया है। सरकार ने देश के बाहर से बने यूनिट पर इम्पोर्ट ड्यूटी को बढ़ाई, जिससे लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिला। सरकार ने इस पहल में मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम को चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया है।