यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दुनिया में सिक्का जमाने की तैयारी! तेजी से आगे बढ़ रहा India 6G Vision; कब से मिलेगा फास्ट स्पीड इंटरनेट?
भारत 6G नेटवर्क को जल्द से जल्द लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। India 6G Vision को लेकर तेजी ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। भारत 6G नेटवर्क को लेकर अपने India 6G Vision को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार अपने 6G विजन को आगे बढ़ाने के लिए मल्टी पोर्ट स्विच सिंगल वाले ब्रॉडबैंड एंटीना को डेवलप कर रही है। यह एंटीना एक साथ सभी 2G, 3G, 4G और 5G बैंड को सपोर्ट करेगा। इस टेक्नोलॉजी की मदद से सरकार एक ही एंटीना से नॉइस फ्री तरीके से सभी बैंड को संचालित करने की प्लानिंग कर रही है। अभी तक अलग-अलग बैंड के नेटवर्क को एक्सेस करने के लिए अलग-अलग एंटीना की जरूरत होती है।
DoT तैयार करवा रहा है एंटीना
CSIR-सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (CEERI), पिलानी और दूरसंचार विभाग (DoT) का सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) इस एंटीना को मिलकर तैयार कर रहे हैं। इस सिंगल बैंड एंटीना के लिए ट्यूनेबल इम्पेडेंस मैचिंग नेटवर्क के साथ मल्टीपोर्ट स्विच को डेवलप किया जा रहा है। DoT का टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF), जो भारतीय एंटरप्रेन्योर, एकेडमिक इंस्टीट्यूशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर को टेलीकॉम सॉल्यूशन के विकास में मदद करता है। इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए यहीं संस्था फंड खर्च करती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के India 6G Vision के अनुरूप, माइक्रो-इलेक्ट्रोमैकेनिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित यह प्रोजेक्ट बेहतर एंटीना परफॉर्मेंस के साथ एक बार में कई बैंड को कवर करने की कैपेबिलिटी रखता है। इसके साथ ही टेलीकॉम डिपार्टमेंट 6G रिसर्च के लिए दो नेक्स्ट जेनेरेशन के टेस्टबेड को भी फंड कर रहा है। इसके साथ ही विभाग एक्सेलरेटेड रिसर्च ऑन 6G इकोसिस्टम प्रोग्राम के तहत 470 प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।
2030 तक 6G टेक्नोलॉजी में भारत बनेगा प्रमुख शक्ति

पीएम मोदी चाहते हैं कि भारत 2030 तक 6G टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति बन जाए। भारत 6G पेटेंट फाइलिंग में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है और 5G को इतनी तेजी से लागू करने के बाद 6G रिसर्च में भी प्रगति कर रहा है। एक सरकारी पैनल के अनुसार, अगले तीन वर्षों में, भारत से ग्लोबल स्टेंडर्ड का छठा हिस्सा और 6G पेटेंट का 10% अर्जित करने की उम्मीद कर रहा है।
भारत ने हाल ही में नई दिल्ली में इंटरनेशनल टेलीकॉम्युनिकेशन यूनियन- वर्ल्ड टेलीकॉम्युनिकेशन स्टेंडर्डेशन असेंबली (ITU-WTSA 2024) में सफल आयोजन किया। भारत में आयोजित इस कार्यक्रम में सामने आए प्रस्तावों को दुनिया भर के सदस्य देशों से व्यापक समर्थन मिला।
