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    Chrome, Edge और Firefox जैसे ब्राउजर का कर रहे इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान, इस बड़े खतरे से हो सकता है सामना

    By Ankita PandeyEdited By: Ankita Pandey
    Updated: Fri, 15 Sep 2023 08:09 AM (IST)

    इतना तो हम सब जानते हैं कि साइबर क्रिमिनल हमें अलग-अलग तरीकों से फंसाने की कोशिश करते हैं । बेव ब्राउजर्स भी उनमें से ही एक है। भले ही हम अलग-अलग ब्राउजर का इस्तेमाल करें लेकिन हैकर्स आसानी से हमें फंसा सकते हैं। हालांकि सरकार ने कहा है कि यूजर्स आसानी से अपडेट के जरिए इस समस्या से बच सकते हैं।

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    Chrome, Edge और Firefox जैसे ब्राउजर का कर रहे हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। भारत में लोग कई अलग तरह के ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें Chrome, Edge और Firefox जैसे ब्राउजर शामिल है। मगर क्या आप जानते हैं कि हैकर्स के लिए आपके कंप्यूटर को एक्सेस करने का ये एक आसान जरिया हो सकता है।

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    ऐसे में अगर आप नहीं चाहते कि हैकर्स आपके कंप्यूटर तक पहुंच पाएं, तो आपको तुरंत अपना इंटरनेट ब्राउजर अपडेट करना होगा। हाल ही में Google, Mozilla, Microsoft और Brave ने यूजर्स के लिए प्राइवेसी से जुड़ें खतरे की जानकारी दी है। इसमें खतरा पैदा करने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी सिक्योरिटी सुरक्षा पैच जारी किए हैं।

    रिपोर्ट में मिली जानकारी

    एक रिपोर्ट में जानकारी मिली है कि WebP Codec में एक परेशानी की जानकारी मिली है। इसने Google Mozilla जैसे बड़े नामों के अलावा कई फेमस नाम शामिल है। इसके बाद इन सभी ब्राउजर ने समस्या के समाधान के लिए अपडेट जारी करना शुरू कर दिया है।

    • अपडेट एक भेद्यता को पैच करता है जिसका उपयोग एक हमलावर कंप्यूटर पर दुर्भावनापूर्ण कोड तक पहुंच प्राप्त करने या चलाने के लिए कर सकता है। कंपनियों ने स्वीकार किया कि इस भेद्यता का जंगल में सक्रिय रूप से शोषण किया गया है।

    • यह भेद्यता खतरनाक है क्योंकि अमेरिका स्थित राष्ट्रीय मानक और प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएसटी) ने इसे 'गंभीर' के रूप में वर्गीकृत किया है।

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    क्या है मुख्य समस्या

    • इस समस्या को 'हीप बफर ओवरफ्लो' के तौर पर डिजाइन किया गया है। इसमें आपको डेटा के मैनेजमेंट में समस्या होती है। मान लीजिए आपको कोई नया अपने डिवाइस में सुरक्षित करना है, लेकिन आपके पास पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में उस डेटा को लेना आपको ओवर प्लो का शिकार बना सकता है। इसे मैनेज करने के लिए आपको पुराने डेटा को मैनेज करना होगा।
    • कंप्यूटर कुछ डेटा को सुरक्षित करने के लिए मेमोरी के एक एरिया का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे ‘हीप’ कहा जाता है। आपका कंप्यूटर इस मेमोरी को अच्छे तरह से मैनेज करता है। मगर गलत फाइलों का उपयोग करके, हैकर्स दुर्भावनापूर्ण डेटा को आपको डिवाइस में प्लग कर सकते हैं और मलिशियस कोड चला सकते हैं।

    समस्या से कैसे बचें

    इसके लिए आपको अपने ब्राउजर को अपडेट करना होगा। हम आपको बताएंगे कि आप कैसे जांचे की आपका ब्राउजर अपडेट है या नहीं।अगर यह नहीं अपडेट किया गयया है तो इसे नए अपडेट के साथ इन्स्टॉल करें

    • अगर आप गूगल क्रोम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वर्जन 116.0.5846.187 (मैक/लिनक्स) और वर्जन 116.0.5845.187/.188 विंडोज डिवाइस के लिए काम करेगा।
    • वहीं अगर आप मोजिला फायरफॉक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वर्जन 117.0.1; फायरफॉक्स ESR 102.15.1; फायरफॉक्स ESR 115.2.1; थंडरबर्ड 102.15.1; थंडरबर्ड 115.2.2 में अपने डिवाइस को अपडेट करें।

  • माइक्रोसॉफ्ट के एज के लिए वर्जन 116.0.1938.81 में अपडेट करें। वहीं Brave के लिए ब्राउजर वर्जन 1.57.64 काम आएगा।
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