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    Identity Theft: अपनी पहचान को कैसे रखें सुरक्षित, जानें किन मायनों में है ये जरूरी

    By Priyanka KumariEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Mon, 04 Sep 2023 09:30 PM (IST)

    Identity Theft आज के समय में कई तरह से धोखाधड़ी हो रही है। ऐसे में आपको अपने डॉक्यूमेंट के साथ खुद ही खुद की आइडेंटिटी को सिक्योर करना काफी जरूरी है। आपके कंप्यूटर को हैक करके कोई भी आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में आपको यह जानना चाहिए की कोई आपकी आइडेंटिटी को कोई कैसे चुरा सकता है आप अपनी आइडेंटिटी को कैसे सिक्योर करें?

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    कहीं कोई आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रहा है

     नई दिल्ली,बिजनेस डेस्क। आज के समय में कई तरह की जालसाजी हो रही है। इन जालसाजी में से एक है कि कोई भी आपकी आईडेंटिटी को चुका सकता है। इसका मतलब है कि आपकी पहचान को चोरी करके उसका गलत प्रयोग करना है। अंग्रेजी में इसे आईडेंटिटी थेफ्ट (Identity Theft) कहा जाता है।

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    दुनिया में इस तरह के मामलों की बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में आपको खुद की पहचान को सिक्योर करना काफी जरूरी है। इस से पहले आपको यह जरूर समझ लेना चाहिए कि आखिर आईडेंटिटी थेफ्ट कितनी तरह का होता है?

    भारत में आइडेंटिटी थेफ्ट का मामला

    देश में आईडेंटिटी थेफ्ट के कई मामले हैं पर सबसे बड़ा मामला देखने को तब मिला जब देश के कई बड़े कलाकार, खिलाड़ी की पहचान को चुरा करके नकली पैन कार्ड (Pan Card) बनाया गया। इसी के साथ उस पैन कार्ड की मदद से कई क्रेडिट कार्ड भी खरीदे। यह जानकारी खिलाड़ी और कलाकारों को काफी समय के बाद पता चली।

    आपको हैरानी होगी जानकर कि ठगों ने उनके पैन कार्ड का नंबर उनकी डेट ऑफ बर्थ के जरिये प्राप्त की थी। इसके अलावा सोशल मीडिया की मदद से उनकी बाकी जानकारी को आसानी से पा लिया था। इस वजह से कहा जाता है कि हमें हमेशा अपनी सारी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करना चाहिए। आइए, जानते हैं कि कितनी तरह से आपकी आइडेंटिटी चोरी होती है।

    आइडेंटिटी थेफ्ट के प्रकार

    क्रेडिट कार्ड - आपको हमेशा अपने क्रेडिट कार्ड को काफी सिक्योर रखना चाहिए। आप जब भी अपने क्रेडिट कार्ड के जरिये पेमेंट करते हैं तो आपके कार्ड की जानकारी सर्वर पर मौजूद होती है। ऐसे में आपके क्रेडिट कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बच्चों की पहचान- आज के समय में कई बच्चों के पास भी कार्ड होते हैं। इन कार्ड के जरिये भी फ्रॉड हो रहे हैं। दरअसल, कार्ड की सिक्योरिटी में थोड़ी सी चूक हो जाने के बाद ठग बच्चे की जानकारी का इस्तेमाल करके कई अन्य कार्ड बना देते हैं।

    सिंथेटिक आईडी- हम सभी के पास हमारी पहचान के लिए एक सुरक्षा नंबर होता है। आपका आधार नंबर और पैन नंबर आपकी पहचान के रूप में काम करता है। कई लोग आपकी इन सिक्योरिटी नंबर की चोरी कर देते हैं। आपका यह नंबर आपके क्रेडिट डेटाबेस या फिर कई सरकारी कामों में भरने वाले फॉर्म पर उपलब्ध होता है।

    टैक्सपेयर्स की चोरी- आपको हैरानी होगी यह जानकर की कई धोखेबाज टैक्स रिटर्न फाइल करते समय आपकी जानकारी को चुरा लेते हैं। इस वजह से आयकर विभाग आपको 6 अंकों का सिक्योर पिन नंबर देता है। आपको कभी भी वो पिन किसी को भी शेयर नहीं करना चाहिए।

    बैंक अकाउंट की चोरी- आज के समय में बैंक अकाउंट से कई फ्रॉड हो रहे हैं। ऐसे में कई लोग आपके बैंक अकाउंट की कई जानकारी को चुरा लेते हैं साथ ही आपके पासवर्ड और घर क पता भी बदल देते हैं। इसके बाद आपको यह नहीं पता चल पाता है कि आपके साथ आईडेंटिटी थेफ्ट हुआ है।

    आइडेंटिटी थेफ्ट से कैसे बचें

    • आपको हमेशा अपने मेलबॉक्स को काफी सिक्योर रखना चाहिए। इसके अलावा आप कोशिश करें कि आप ट्रेवल करते समय अपने मेलबॉक्स की डिलीवरी पर रोक लगा दें।
    • आपको अपने बैंक स्टेटमेंट पर नजर रखनी चाहिए। आप अपने बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड से हो रही पेमेंट की जांच करें। अगर आपको लगता है कि आपके बैंक से कोई गलत पेमेंट हुई है तो आपको तुरंत उसके खिलाफ शिकायत करना चाहिए।
    • आप अपने पर्सनल डॉक्यूमेंट को अपने घर के लॉकर में रखें। अगर आप पर्सनल डॉक्यूमेंट के साथ ट्रेवल करते हैं तो आप उसे काफी सिक्योर रखें।
    • आप अपने लॉग-इन आईडी को सिक्योर रखने की कोशिश करें। इसके अलावा भूलकर भी आप कभी भी आसान पासवर्ड दर्ज न करें।
    • आपको कोशिश करना चाहिए कि आप सोशल मीडिया पर ज्यादा पर्सनल डिटेल्स को शेयर ना करें। इसके अलावा आप कभी भी अनजान वेबसाइट पर अपने पर्सनल डिटेल्स को दर्ज न करें।    
    • आप कभी भी अपनी पिन, ओटीपी और पासवर्ड किसी को भी शेयर ना करें।
    • आज के समय में फोन पर कई तरह के लिंक आते हैं। आप इन लिंक पर क्लिक ना करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके साथ भी फ्रॉड हो सकता है।
    • अगर कभी भी आपके साथ फ्रॉड हो जाता है तो आप सबसे पहले पुलिस और साइबर सेल को शिकायत करें।