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    2025 तक सरकार के GDP के टारगेट को पूरा करने में मददगार होगा टेक्नोलॉजी सेक्टर, IT मंत्री ने कही ये बात

    By Ankita PandeyEdited By: Ankita Pandey
    Updated: Tue, 20 Jun 2023 08:07 PM (IST)

    एक कार्यक्रम के दौरान आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहाकि 2025-2026 तक टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी कुल जीडीपी का 20% हो जाएगा जो सरकार के भविष्य का टारगेट है। आइये जानते हैं कि ये कैसे मददगार होगा। (जागरण फोटो)

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    Technology and digital economy to be the 25 % of all gdp growth by 2025

    नई दिल्ली, टेक डेस्क। आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि भारतीय एटरप्रेन्योर 'तकनीक क्षेत्र के हर हिस्से में मौजूद हैं। उन्होने कहा कि तकनीकी और डिजिटल इकोनॉमी सरकार को अपने लक्ष्य तक पहुचने में मदद कर सकती है। यह लक्ष्य 2025 तक इनको देश की कुल GDP का 20-25% बनाना है।

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    ग्लोबल इंडियन टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में भारतीय अमेरिकी एटरप्रेन्योर्स के साथ बात करते हुए, चंद्रशेखर ने कहा कि सेमीकंडक्टर, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, ब्लॉकचेन और वेब3 हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग भाषाओं और कंज्यूमर्स इंटरनेट सहित कई क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप मौजूद हैं।

    GDP की 20% होगी तकनीकी और डिजिटल इकोनॉमी

    चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार का टारगेट है कि 2025-2026 तक टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी कुल जीडीपी का 20% हो जाएगा। उन्होंने कहा कि GDP लगभग 8%, प्रति वर्ष 7.5% की दर से बढ़ रहा है।

    चंद्रशेखर ने कहा कि हमारे GDP का 20% लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर से एक ट्रिलियन डॉलर होगा और यही वह लक्ष्य है जिस पर हम काम कर रहे हैं। यही वह मिशन है जिस पर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार केंद्रित है।

    स्टार्टअप, इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए एआई जरूरी

    मंत्री ने यह भी कहा कि एआई डिजिटल इकोनॉमी का एक गतिज प्रवर्तक है और पिछले कई वर्षों में स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम की प्रगति के लिए मूल्यवान रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में एआई कार्यक्रम और योजनाएं एक तरफ सरकार के बीच एक साझेदारी है, दूसरी तरफ शैक्षणिक संस्थानों का बड़ा नेटवर्क, स्टार्टअप और उद्योग का हिस्सा बन रही है।

    इस साल की शुरुआत में, 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत टॉप शैक्षणिक संस्थानों में एआई के लिए तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) इन्स्टॉल करेगा, ताकि कृषि, स्वास्थ्य और शहरों के लिए एप्लिकेशंस का विकास किया जा सके।