सरकार ने किया अलर्ट! ई-मेल के जरिए बैंक अकाउंट हो सकता है हैक, जानिए कैसे करें बचाव
ERT-In की रिपोर्ट के मुताबिक रैनसमवेयर वायरस ई-मेल के जरिए फैसला है। ऐसे में ई-मेल यूजर्स को सावधान रहना चाहिए। रैमसमवेयर वायरस के जरिए यूजर्स के बैंक अकाउंड में सेंधमारी कर सकता है। CERT-In ने 21 दिसंबर वायरस को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक मेल यानी ई-मेल इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। CERT-In की रिपोर्ट के मुताबिक रैनसमवेयर वायरस ई-मेल के जरिए फैसला है। ऐसे में ई-मेल यूजर्स को सावधान रहना चाहिए। रैमसमवेयर वायरस के जरिए यूजर्स के बैंक अकाउंड में सेंधमारी कर सकता है। CERT-In ने 21 दिसंबर वायरस को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है।
कैसे करता है काम
CERT-In की मानें, तो नये रैमसमवेयर वायरस को विंडो कंप्यूटर यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। यह वायरस ईमेल के जरिए कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंचा है। इसके बाद वायरस पीसी का कंट्रोल हैकर्स को दे देता है। फिर हैकर्स पीसी को रिमोटली लॉक कर देते हैं। इसके बाद हैकर्स की तरफ से पैसों की डिमांड की जाती है। यह डिमांड बिटकॉइन में भी की जा सकती है। यूजर्स की तरफ से पैसे ना देने पर जरूरी फाइल्स को डिलीट कर दिया जाता है। साथ ही कंप्यूटर को डिफेक्ट कर दिया जाता है। अगर आपके कंप्यूटर का डेटा लॉक हो गया है और स्क्रीन वॉलपेपर को रैंसम (फिरौती) नोट से बदल दिया गया है तो समझ लें कि आपका डेटा अब सेफ नहीं है।
कैसे करें बचाव
- हमेशा ने प्रोग्राम और ऑपरेटिंग सिस्टम को नए वर्जन के साथ अपग्रेड रखें।
- परेशन नेटवर्क को कमर्शियल कामों से अलग रखें। इसके लिए फिजिकल कंट्रोल और वर्चुअल लोकल एरिया नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- यूजर्स को बिना जरूरत अपने रिमोट डेस्क प्रोटोकॉल (आरडीपी) को डिएक्टिव करना चाहिए। साथ ही जरूरी होने पर एक सिक्योर नेटवर्क का इस्तेमाल करना चाहिए।
- सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन इंस्टॉल और रन के लिए यूजर्स परमीशन को ब्लॉक करें।
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