नई दिल्ली (टेक डेस्क)। टेक्नोलॉजी कंपनी Google ने 230 करोड़ से ज्यादा Misleading एड को अपने प्लेटफॉर्म से बैन कर दिया है। Google ने गुरूवार को इस बात की जानकारी दी है। Google के मुताबिक ये एड यूजर्स को मिस लीड कर रहे हैं। जिसकी वजह से इन एड को अपने प्लेटफॉर्म से बैन किया गया है। इसके अलावा यह Google के 2018 में जारी की गई नई Advertising पॉलिसी के विरूद्ध है। आपको बता दें कि Google ने 2018 में अपने Advertising पॉलिसी में 31 नए नियम जोड़े हैं। Google के 2018 में जारी बैड एड रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिदिन 6 मिलियन यानी की 60 लाख मिसलीडिंग एड को बैन किया गया था।

Google अपने प्लेटफॉर्म को सभी के लिए हेल्दी और सस्टेनेबल बनाने के लिए काम कर रहा है। Google ने बताया कि हमारे प्लेटफॉर्म पर एड यूजर्स को रिलेवेंट बिजनेस, प्रोडक्ट और सर्विस के जरिए कनेक्ट करने के लिए है। बुरे एड हमारे यूजर्स के एक्सपीरियंस को खराब करते हैं।

Google के डायरेक्टर सस्टेनेबल एड स्कॉट स्पेंसर ने बताया कि, हम यूजर्स, एडवर्टाइजर्स और पब्लिशर्स को प्रोटेक्ट करने के लिए तकनीकी रिसोर्स के जरिए काम कर रहे हैं। इस बैड एड रिपोर्ट के जरिए इकोसिस्टम को सेफ करने की कवायद चल रही है। इसके लिए Google ने अपने हर प्लेटफॉर्म पर यह बैड एड रिपोर्ट पॉलिसी को लागू किया है। Google ने आगे बताया कि, हमारा मुख्य फोकस बैड एड को अपने प्लेटफॉर्म से हटाकर यूजर्स और बिजनेस पार्टनर्स के लिए इस वेब प्लेटफॉर्म को सस्टेनेबल बनाना है।

इसके अलावा Google ने करीब 1 मिलियन यानी की 10 लाख से ज्यादा एडवर्टाइजर्स के अकाउंट्स को भी बैन किया है। यह आंकड़ा 2017 में बैन किए अकाउंट्स से लगभग दोगुना है। करीब 7.34 लाख पब्लिशर्स और ऐप डेवलपर्स को भी Google एड नेटवर्क से बैन किया गया है। इसके अलावा करीब 1.5 मिलियन ऐप्स को पूरी तरह से हटा दिया गया है। इसके अलावा Google पब्लिशर पॉलिसी को तोड़ने वाले 28 मिलियन (2.8 करोड़) पेज पर भी एक्शन लेने की तैयारी में है।

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Posted By: Harshit Harsh