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एक लाख फेसबुक यूजर्स का डेटा हुआ लीक, साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने दी चौंकाने वाली जानकारी

साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने एक डेटा लीक को लेकर जानकारी दी है। इस डेटा लीक में फेसबुक यूजर्स का डेटा शामिल होना बताया जा रहा है। आईएएनएस की एक लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें तो इस डेटा लीक में फेसबुक के कम से कम एक लाख यूजर्स का डेटा शामिल है। इस सभी फेसबुक यूजर्स का डेटा ब्रीच फोरम पर सामने आया है।

By Agency Edited By: Shivani Kotnala Published: Mon, 10 Jun 2024 04:40 PM (IST)Updated: Mon, 10 Jun 2024 04:40 PM (IST)
एक लाख फेसबुक यूजर्स का डाटा हुआ लीक

एजेंसी, नई दिल्ली। साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने एक डेटा लीक को लेकर जानकारी दी है। इस डेटा लीक में फेसबुक यूजर्स का डेटा शामिल होना बताया जा रहा है।

आईएएनएस की एक लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें तो इस डेटा लीक में फेसबुक के कम से कम एक लाख यूजर्स का डेटा शामिल है। इस सभी फेसबुक यूजर्स का डेटा ब्रीच फोरम पर सामने आया है।

फेसबुक यूजर्स का डेटा हुआ लीक

नई दिल्ली स्थित गैर-लाभकारी संगठन साइबरपीस की टीम ने आरोप लगाया है कि फेसबुक से 1,00,000 नए यूजर्स के डाटा ब्रीच फोरम पर सामने आए हैं। साइबरपीस ने कहा है कि छेड़छाड़ किए गए इस डेटा में पूरा नाम, प्रोफाइल, ईमेल, फोन नंबर और स्थान की जानकारी शामिल हैं।

पर्सनल जानकारियों के लीक होने से क्या होगा

दरअसल, फेसबुक यूजर्स की पर्सनल जानकारियों के लीक होने का सीधा मतलब होगा कि ये लोग फिशिंग हमले का शिकार बन सकते हैं। इसके अलावा, इन लोगों की जानकारियों का इस्तेमाल साइबर अपराधी किसी तरह के अपराध को अंजाम देने के लिए कर सकते हैं। 

लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें तो फेसबुक यूजर्स का डेटा लीक करने वालों की अबतक पहचान नहीं हो पाई है।

फेसबुक ने मामले पर क्या कहा

फेसबुक ने अब तक साइबरपीस के दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह उल्लंघन किसी साइबर अपराधी समूह  द्वारा किया गया है या ऑनलाइन मालवेयर गतिविधियों को अंजाम देने वाले किसी शख्स की ओर से किया गया है, को लेकर जांच की जा रही है।

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साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने जताई चिंता

साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने कहा है कि फेसबुक को डाटा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण प्रतिष्ठा क्षति का सामना करना पड़ रहा है। यह यूजर्स के विश्वास को प्रभावित कर रहा है। यह डेटा उल्लंघन डिजिटल क्षेत्र में साइबर खतरों से उत्पन्न मौजूदा चुनौतियों पर प्रकाश डालता है।

शोधकर्ताओं ने कहा है कि यह घटना संगठनों के लिए यूजर्स के डाटा की सुरक्षा और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा उपायों को और मजबूती देने की जरूरत पर बल देता है।


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