Cyber Attack: हैकर्स के निशाने पर हैं भारत सरकार की वेबसाइट्स, 50 प्रतिशत बढ़े साइबर अटैक
साइबर सिक्योरिटी भारत ही नहीं दुनिया भर के देशों के लिए एक बड़ी समस्या है। इससे निपटने के लिए सभी सरकार निरंतर प्रयास करती रहती है। फिलहाल एक सर्वे में जानकारी मिली है कि भारत 60 प्रतिशत से अधिक संस्थानों को साइबर हमलों में 50% से अधिक की बढ़ोतरी दिखाई दी है। बता दें कि इस सर्वे में भारतीय आईटी इंडस्ट्री के आधिकारियों ने हिस्सा लिया ।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। इंटरनेट के विकास के साथ ही साइबर अटैक्स बढ़ते जा रहे हैं। खासकर से Ai के ज्यादा लोकप्रिय होने के कारण भी साइबर अपराध को बढ़ावा मिला है। पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सर्वे से पता चला है कि 2022-2023 में भारत सरकार और जरूरी सेवा संस्थाओं में से 67% को साइबर हमलों में 50% से अधिक की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही सर्वे में पता चला कि देश के जरूरी बुनियादी ढांचे, पब्लिक प्लेस और खास सर्विसेज को ऐसे हमलों का काफी खतरा है। सर्वे कि रिपोर्ट यह भी बताती है कि पिछले साल की तुलना में 2023 के लिए भारत के साइबर सुरक्षा बजट एलोकेशन में 75% की वृद्धि के बावजूद सरकार ने सबसे अधिक संख्या में साइबर हमलों का भी अनुभव किया।
भारत और सार्क, पालो अल्टो नेटवर्क, भारत के मैनेजिंग डॉयरेक्टर अनिल वल्लूरी ने कहा कि भारत में पिछले साल की तुलना में 2023 के लिए साइबर सुरक्षा बजट आवंटन में 75% की बढ़ोतरी देखी गई, जो कि APAC क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि में गिनी जाती है।
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200 भारतीय आधिकारियों पर हुआ सर्वे
साइबर सुरक्षा कंपनी ने कहा कि उसने भारत में साइबर सुरक्षा की स्थिति को समझने के लिए 200 भारतीय आईटी और सी-सूट अधिकारियों, सीनियर डॉयरेक्टर का सर्वे किया। ये सभी लोग बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़ी सेवाएं, टेलीकॉम/टेक/संचार, रिटेल/, परिवहन और लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों से संबंधित थे।
ये सेक्टर हैं प्रभावित
- सर्वे से पता चला कि भारत में 66% मैन्युफेक्चरिंग फर्म्स को नेटवर्क से जुड़े असुरक्षित IoT डिवाइस से बढ़ते जोखिम का सामना करना पड़ा, जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक है। इसके साथ ही, 83% खतरे परिवहन और लॉजिस्टिक्स संगठन से जुड़े हैं।
- हालांकि भारत में 95% बिजनेस का मानना है कि ले एक्टिवली ऑटोमेटिक सुरक्षा स्टैक की ओर बढ़ रहे हैं और 48% सार्वजनिक, परिवहन और लॉजिस्टिक्स संगठनों के साथ-साथ 50% मैन्युफेक्चरिंग फर्म्स का मानना है कि 5G अपनाने से सुरक्षा खामियां बढ़ जाएंगी।
- देश में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े 34% लोगों का कहना है कि क्लाउड हमलों से व्यापार बाधित होगा। इसके अलावा, 69% टेलीकॉम कंपनियों को क्लाउड-बेस्ड सेवाओं और ऐप्स पर बढ़ती निर्भरता से नए जोखिमों का सामना करना पड़ा।
व्यवसायों के साइबर सुरक्षा जोखिम
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि 45% भारतीय व्यवसायों पर होने वाले साइबर अटैक्स 50% से अधिक हो गए है , जो कि APAC में सबसे अधिक है। इसके अलावा लगभग 35% भारतीय कंपनियां APAC औसत की तुलना में सोशल इंजीनियरिंग हमलों के बारे में अधिक चिंतित हैं।
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