केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लॉन्च किया भारत का सबसे तेज राउटर, आईपी/एमपीएलएस इन मायनों में है खास
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते शनिवार को भारत के सबसे तेज और स्वदेशी डिजाइन वाले आईपी/एमपीएलएस (Multiprotocol Label Switching) राउटर को लॉन्च किया। यह राउटर डेटा ट्रांसफर में लगने वाले समय को कम कर पाथ-नेटवर्क रोड की पहचान करता है। भारत में तैयार किए गए इस राउटर की स्पीड 2.4 टेराबाइट्स प्रति सेकंड है। आईपी/एमपीएलएस (Multiprotocol Label Switching) एक रूटिंग टेक्नोलॉजी है।

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते शनिवार को भारत के सबसे तेज और स्वदेशी डिजाइन वाले आईपी/एमपीएलएस (Multiprotocol Label Switching) राउटर को लॉन्च किया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते शनिवार को बेंगलुरु से 2.4 tdps कैपेसिटी वाले राउटर को पेश किया।
पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया विजन की ओर बड़ा कदम
देश के स्वदेशी डिजाइन वाले राउटर को सरकार के दूरसंचार विभाग, सीडीओटी और निवेत्ति सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से बनाया गया है।
Launched Bharat's first 2.4 TBPS IP/MPLS Router powered by a secure, indigenously developed Network Operating System.
📍Bengaluru #DigitalIndia pic.twitter.com/WL08tqF2HK
— Ashwini Vaishnaw (मोदी का परिवार) (@AshwiniVaishnaw) March 9, 2024
लॉन्च इवेंट में, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आईपी/एमपीएलएस (Multiprotocol Label Switching) राउटर की लॉन्चिंग को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि आईपी/एमपीएलएस (Multiprotocol Label Switching) राउटर की लॉन्चिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिटिजल इंडिया विजन की ओर एक बड़ा कदम है।
ये भी पढ़ेंः सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में ताइवान-चीन का दबदबा खत्म करने को तैयार भारत, जानिए क्या है सरकार का पूरा प्लान
भारत के सबसे तेज राउटर की खूबियां
- भारत में तैयार किए गए इस राउटर की स्पीड 2.4 टेराबाइट्स प्रति सेकंड है। यह डेटा ट्रांसमिशन की दर है। यह स्पीड 1,000 गीगाबाइट प्रति सेकेंड के बराबर है।
- इस राउटर की स्थापना कई क्षेत्रों जैसे रेलवे संचार नेटवर्क, पावर ग्रिड, दूरसंचार और टेलीविजन मीडिया के विकास में सहायता के लिए की गई है।
- आईपी/एमपीएलएस (Multiprotocol Label Switching) एक रूटिंग टेक्नोलॉजी है, जिसका इस्तेमाल टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क में होता है। यह एक नोड से दूसरे नोट तक डायरेक्ट करता है।
- डेटा ट्रांसफर में लगने वाले समय को कम कर राउटर पाथ-नेटवर्क रोड की पहचान करता है।
- आईपी/एमपीएलएस (Multiprotocol Label Switching) टेक्नोलॉजी को सबसे पहले 1990 में डेवलप किया गया था। इसका उद्देश्य नेटवर्क कनेक्टिविटी को गति देना था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।