यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एलन मस्क को ना कहना Apple को पड़ा भारी, iPhone यूजर्स को नहीं मिल पा रही है ये खास सर्विस
एपल को एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के साथ सैटेलाइट कनेक्टिविटी का करार तोड़ना भारी पड़ रहा है। 2022 में ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। एलन मस्क से सैटेलाइट कनेक्टिविटी का करार तोड़ना Apple को भारी पड़ रहा है। इसकी वजह से कंपनी को अपने iPhone यूजर्स को बेहतर सैटेलाइट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एपल ने दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी SpaceX से मिले ऑफर को ठुकरा दिया था, जिसके कारण उसे यह दिक्कत हो रही है।
Apple ने क्यों ठुकराया SpaceX का ऑफर
साल 2022 में एलन मस्क की कंपनी SpaceX की Starlink ने iPhone को 18 महीने स्पेशल सैटेलाइट कनेक्टिविटी का ऑफर दिया था। इसके लिए एपल को 5 बिलियन डॉलर का एडवांस पेमेंट करना था। इसके बाद इस सेवा को जारी रखने के लिए एपल को हर साल 1 बिलियन डॉलर का पेमेंट करना होगा।
एलन मस्क ने एपल को चेतावनी दी थी कि अगर Apple ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो वह ऐसी ही सेवाएं देने के लिए किसी टेलीकॉम कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करेगा। Apple ने उनके इस ऑफर को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद मस्क ने Starlink की सर्विस को T-Mobile के नेटवर्क में इंटीग्रेट किया है।
SpaceX ने कैसे बढ़ाई Apple की मुश्किलें
एलन मस्क के ऑफर को ठुकराने के बाद SpaceX ने Apple के सैटेलाइट कनेक्टिविटी को प्रभावित करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। सबसे पहले उन्होंने फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) से Globalstar के स्पेक्ट्रम यूज करने के आवेदन को कैंसिल करने की रिक्वेस्ट किया।
Apple ने आईफोन में Emergency SOS via Satellite जैसे फीचर के लिए Globalstar में 1 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। मस्क की कंपनी के चलते एपल खुद की सैटेलाइट सर्विस शुरू नहीं कर पाया है। दूसरी ओर, Globalstar के पास सैटेलाइट की लिमिटेड संख्या के चलते Apple अब अपनी सैटेलाइट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए EchoStar और Boeing जैसी कंपनियों के साथ भी पार्टनरशिप कर रहा है।

एलन मस्क और एपल के बीच समझौता
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि Apple और SpaceX ने फिलहाल समझौता कर लिया है। दोनों कंपनियों ने Starlink की सैटेलाइट सर्विस को नए iPhone में शुरू करने पर सहमति जताई है। उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के बीच यह समझौता कुछ महीनों में पूरा हो सकता है। इसके जरिए दोनों कंपनियां यूजर्स को उन क्षेत्रों में सैटेलाइट कनेक्टिविटी ऑफर करेंगी जहां सेलुलर नेटवर्क उपलब्ध नहीं होगा।
