आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अमेरिकी उद्योग जगत दो-फाड़, AI को बताया मानवता के लिए खतरा
लंबे समय से इस बात पर विचार हो रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी क्या सच में मानव समाज को बदल सकती है या इसे एकमुश्त नष्ट कर सकती है। AI को लेकर अमेरिका में उद्योग जगत के सैकड़ों नेताओं ने चेतावनी दी है। (फाइल फोटो)।

नई दिल्ली, टेक डेस्क। एक तरफ OpenAI को लेकर दुनिया में लोगों के बीच क्रेज है वहीं दूसरी ओर इससे होने वाले साइड इफेक्ट्स को लेकर भी गंभीरता बरती जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी को लेकर अमेरिका में सैकड़ों उद्योग जगत के नेताओं ने एक लेटर पर हस्ताक्षर करते हुए चेतावनी दी है कि इसकी वजह से मानवता के लिए संभावित खतरा पैदा हो रहा है। कहा गया है कि इसे परमाणु युद्ध के समान सामाजिक जोखिम के रूप में माना जाना चाहिए।
क्या OpenAI सच में खा जाएगी नौकरियां?
लंबे समय से इस बात पर विचार हो रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी क्या सच में मानव समाज को बदल सकती है या इसे एकमुश्त नष्ट कर सकती है। ये तकनीक गाने लिखने, फोटो-रियलिस्टिक तस्वीरों को उत्पन्न करने, कंप्यूटर कोड तैयार करने और पूरे टेलीविजन एपिसोड बनाने में सक्षम हो गई है। इस चेतावनी में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी की अधिक दबाव वाली समस्याों में कॉपीराइट उल्लंघन, डिजिटल गोपनीयता, निगरानी और स्वायत्त जैसे मुद्दे शामिल हैं।
ChatGPT को लेकर ऑल्टमैन ने क्या कहा?
OpenAI के सीईओ, ऑल्टमैन ने हाल ही में एक ब्लॉग पोस्ट में सुझाव दिया कि एक अंतरराष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता होगी जो सिस्टम का निरीक्षण कर सके, सुरक्षा मानकों के साथ उनके अनुपालन का परीक्षण कर सके और उनके उपयोग पर प्रतिबंध लगा सके। बीते दिनों उन्होने अमेरिकी सांसदों के सवालों का सामना किया था। इस दौरान ऑल्टमैन ने साफ तौर पर कहा था कि ChatGPT इंसानों की तरह काम नहीं कर सकता है।
ऑल्टमैन का कहना है कि चैटजीपीटी के नवीनतम मॉडल का कड़ाई से परीक्षण किया गया था, लेकिन तेजी से शक्तिशाली मॉडल के जोखिम को कम करने के लिए सरकारों द्वारा नियामक हस्तक्षेप महत्वपूर्ण होगा। ऑल्टमैन कहते हैं कि यह महत्वपूर्ण और कंपनियों की अपनी जिम्मेदारी है। उन्होने कहा कि एआई को लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
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