नई दिल्ली (टेक डेस्क)। इस दुनिया भर में कैशलेस पेमेंट का दौर चल रहा है। कई देशों में मोबाइल वॉलेट से लेकर डिजिटल पेमेंट के जरिए लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनियां Apple और Google ने भी अपने ई-पेमेंट यानी कि मोबाइल पेमेंट सिस्टम लॉन्च कर चुकीं हैं। वहीं, भारत में भी 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से Paytm, Mobikwik, PhonePay जैसे मोबाइल वॉलेट के जरिए लोग भुगतान करने लगे हैं। इस तरह से हम कैश द्वारा भुगतान करने को बाय-बाय कर रहे हैं। छोटे शहरों से लेकर महानगरों में कैशलेस पेमेंट या ई-पेमेंट के जरिए भुगतान को बढ़ावा मिला है। आइए, जानते हैं Apple Pay और Google Pay किस तरह से स्मार्टफोन यूजर्स को कैशलेस पेमेंट के लिए अग्रसर कर रहा है।

  • बैंक अकाउंट होना अनिवार्य?

इन दोनों प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल करने के लिए बैंक अकाउंट या क्रेडिट कार्ड होना जरूरी है। हालांकि, दोनों ही प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग क्रेडिट कार्ड या बैंक का टाई-अप हो सकता है। इन दोनों ही प्लेटफॉर्म पर अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या बैंक अकाउंट को लिंक करना काफी आसान है। UPI के जरिए भी आप Google Pay में बैंक अकाउंट को जोड़ सकते हैं, इसके लिए आप अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर आधार नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • कहां कर सकते हैं इस्तेमाल?

Apple Pay और Google Pay के जरिए आप बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने से लेकर मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट्स आदि भी कर सकते हैं। वहीं, कई रिटेलर्स भी अब इन कैशलेस पेमेंट का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। अगर, आप एंड्रॉइड या आईओएस से ऑपरेट वाले स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करते हैं तो भी आप इन पेमेंट मोड्स के जरिए पेमेंट कर सकते हैं। इसके लिए स्मार्टवॉच को दो बार टैप करना होगा।

  • कितने सुरक्षित हैं ये पेमेंट मेथड्स?

ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं के लगातार मामले सामने आने के बाद से हमारे जेहन में यह सवाल जरूर होता है कि ये पेमेंट मेथड्स कितने सुरक्षित हैं? तो आपके बता दें कि ये पेमेंट मेथड्स जितने उपयोगी और आसान होते हैं उतने ही सुरक्षित भी होते हैं। इनमें आपके क्रेडिट या डेबिड कार्ड के नबंर तो सेव होते हैं लेकिन उसके बदले में इनक्रिपटेड तौर पर टोकन के रूप में वर्चुअल नंबर रिफ्लेक्ट होते हैं। ऐसे में अगर आपका फोन कहीं खो जाता है तो आपको बस अपने वर्चुअल कार्ड नंबर को डिलीट करना होता है। गूगल पे में भी बिना पिन के आप कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं कर पाते हैं।

  • अतिरिक्त टैक्स भी देना पड़ेगा?

Apple Pay के लिए यूएस में सर्विस टैक्स देना पड़ता है। भारत एवं अन्य देशों में इसका चलन अभी नहीं है। जबकि Google Pay के लिए आपको कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं देना पड़ता है। साथ ही, आपको कैशबैक का भी लाभ मिलता है।

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Posted By: Harshit Harsh

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